देसही देवरिया में बैंक के बाहर प्रदर्शन और जाम करते लोग।
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देवरिया। बैंकों में कैश संकट से अब हालात बिगड़ने लगी हैं। बैंक के बाहर लाइन में घंटों जूझने के बाद भी रुपये नहीं मिलने से लोगों के सब्र का बांध टूटने लगा है। देसही देवरिया ब्लॉक के बरवामीर छापर चौराहे पर स्थित सेंट्रल बैंक की शाखा में बुधवार को जूते-चप्पल चले। रामपुर कारखाना के थानेदार के साथ हाथापाई भी हुई। देसही देवरिया-रामपुर कारखाना मुख्य मार्ग को जाम कर दिया।
जाम लगाए लोगों के समर्थन में आसपास के दुुकानदार भी आए गए। इससे अफरा-तफरी का माहौल हो गया। बैंककर्मियों को पुलिस सुरक्षा में घर भेजा गया। सेंट्रल बैंक की शाखा में रुपये निकालने के लिए भोर तीन बजे से लाइन लगी थी। दो मंजिल पर स्थित शाखा से नीचे सड़क तक लंबी लाइन लगी थी। सुबह 10.20 बजे शाखा प्रबंधक कर्मचारियों के साथ पहुंचे। आधे घंटे तक बैंक का चैनल बंद रहा। मुख्य गेट पर एक नोटिस चस्पा किया गया। लिखा था कैश नहीं होने के कारण आज लेनदेन नहीं किया जाएगा।
यह देख सैकड़ों की संख्या में मौजूद भीड़ भड़क उठी। खिड़कियों के रास्ते से बैंककर्मियों पर जूते-चप्पल बरसाने लगे। कोई चैनल पीटने लगा तो कोई गाली-गलौच करने लगा। कर्मचारी बैंक के भीतर छिपे रहे। उग्र भीड़ ने देसही देवरिया-रामपुर कारखाना मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। इनके समर्थन में दुुकानदार भी उतर आए। मुख्य मार्ग के दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई। माहौल खराब होता देख किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। 11.20 बजे रामपुर कारखाना के थानेदार मय फोर्स मौके पर पहुंचे। भीड़ को शांत कराने की कोशिश होने लगी।
मान-मनौव्वल के दौरान थानेदार से हाथापाई भी हुई। इससे थानेदार बैकफुट पर आ गए। भीड़ इस बात पर अड़ी रही जब तक कैश नहीं आता है, बैंक बंद रखा जाए। कर्मचारियों को बैंक आने की जरूरत नहीं है। इस मुद्दे पर थानेदार और बैंक मैनेजर के बीच कई दौर की वार्ता हुई। अंतत: बैंक का शटर डाउन कर दिया। कर्मचारियों के बाहर निकलते ही भीड़ उन पर झपट पड़ी। पुलिस ने किसी तरह बचाकर अपनी गाड़ी से घर भेजा। इसके बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ।