बर्खास्त शिक्षकों पर अभी कई बीईओ ने नहीं दर्ज कराये मुकदमे
कई ब्लॉकों के खंड शिक्षा अधिकारी एफआईआर कराने में कर रहे लापरवाही
शासन प्रशासन के आदेश के बाद सभी बीईओ को केस दर्ज कराकर रिकवरी का हुआ था आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कूटरचित शैक्षिक अभिलेखों के आधार पर नौकरी करने और बर्खास्त होने वाले फर्जी शिक्षकों पर जिले के बीईओ अब भी मेहरबान बने हुए हैं। जबकि, शासन और प्रशासन की ओर से बीईओ को आदेश हुआ था कि दोषी शिक्षकों के खिलाफ जल्द से जल्द एफआईआर कराकर उनसे रिकवरी की कार्रवाई की जाए।
पिछले दो साल के अंदर जिले में 37 शिक्षकों को फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी हासिल करने के आरोप में एवं एसटीएफ की सूची में पुष्टि के बाद बर्खास्त किया जा चुका है। इसमें से एक शिक्षक को लगातार अनुपस्थित रहने के कारण बाहर का रास्ता दिखाया गया था। बर्खास्तगी की अधिकतर कार्रवाई पिछले साल व इस साल की शुरुआत में हुई थी। इसके बाद से विभाग के अफसर चुप्पी साधे हुए हैं। फर्जी शिक्षकों पर कौन केस दर्ज कराएगा, इसे लेकर बीएसए और बीईओ पिछले छह माह से एक-दूसरे के पाले में गेंद डाल रहे थे। इसी माह के शुरू में तय हुआ कि बीईओ ही मामला दर्ज कराएंगे। जिला प्रशासन के निर्देश पर कुछ ब्लॉकों के बीईओ ने मामला दर्ज भी कराया, हालांकि, अभी भी कई ऐसे हैं, जो एफआईआर कराने में लगातार लेटलतीफी कर रहे हैं।
बर्खास्त शिक्षकों से होनी है 13.55 करोड़ की रिकवरी
परिषदीय स्कूलों में तैनात रहे जिले के 36 बर्खास्त शिक्षकों से 13.55 करोड़ रुपये की रिकवरी होनी है। वित्त व लेखा अनुभाग की ओर से इनके वेतन के मद में किए गए भुगतान का ब्योरा तैयार कर लिया गया है। हालांकि अभी कई शिक्षकों पर मामला दर्ज नहीं होने से रिकवरी की कोशिशें संभव नहीं दिखतीं। इस संबंध में बीएसए प्रकाश नारायण श्रीवास्तव का कहना है कि अधिकांश शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है। उच्च न्यायालय के आदेश पर कुछ शिक्षकों के मामले की पुन: विभागीय स्तर पर सुनवाई होनी है। बर्खास्त शिक्षकों को वेतन मद में भुगतान राशि की रिकवरी की भी तैयारी चल रही है।
बीईओ की तहरीर पर सात फर्जी शिक्षकों पर केस दर्ज
सलेमपुर। ब्लॉक के बीईओ लक्ष्मीनारायण की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने सात फर्जी शिक्षकों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। कोतवाल गिरिजेश तिवारी ने बताया कि शिक्षकों में गौरव कुमार पूर्व माध्यमिक विद्यालय परसिया भगवती, दीवान बहादुर पूर्व माध्यमिक विद्यालय चेरो, दीनानाथ तिवारी पूर्व माध्यमिक विद्यालय धनपुरवां, बृजेश नाथ तिवारी प्राथमिक विद्यालय बरठी, भूपेंद्र कुमार पूर्व माध्यमिक विद्यालय बरठा बाबू, वीरेंद्र प्रताप यादव प्राथमिक विद्यालय श्रीनगर, शांति सिंह पूर्व माध्यमिक विद्यालय रामपुर के खिलाफ धोखाधड़ी सहित गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।