गर्भवती को नार्मल प्रसव कराने का झांसा देकर निजी क्लीनिक में ले गई थी आशा कार्यकर्ता
सास की तहरीर पर पुलिस ने आशा और नंदनी क्लीनिक पर दर्ज किया केस
पीड़िता ने बताया-नंदनी क्लीनिक देवरिया और गोरखपुर में इलाज में खर्च हुए 2.62 लाख
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी में ले जाने के बजाय नार्मल प्रसव कराने का झांसा देकर आशा कार्यकर्ता बरवा मीरछापर के एक निजी अस्पताल में लेकर चली गई। प्रसव के बाद प्रसूता की तबीयत बिगड़ गई। आनन-फानन में आशा देवरिया के एक अन्य निजी अस्पताल में लेकर आई। यहां भी राहत नहीं मिलने पर गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में लेकर घर वाले चल गए, जहां कई दिनों तक इलाज के बाद प्रसूता के स्वास्थ्य में सुधार हुआ। 2.62 लाख रुपये इलाज में इसके खर्च हुए। प्रसूता की सास ने आशा कार्यकर्ता और निजी क्लीनिक पर केस दर्ज कराया है।
रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के पौहारी छापर गांव निवासी बिंदु देवी की बहू अंजली को 4 अक्तूबर को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। घर वाले आशा कार्यकर्ता अनीता सिंह को इसकी जानकारी दी। आशा कार्यकर्ता बिंदु को नार्मल प्रसव कराने की बात कह बरवा मीरछार के पास नंदनी क्लीनिक में लेकर पहुंच गई। नवजात पैदा होने के बाद प्रसूता अंजली की तबीयत बिगड़ने लगी। आनन-फानन में आशा कार्यकर्ता देवरिया शहर के राघव नगर स्थित एक अन्य निजी अस्पताल में लेकर पहुंची। कुछ घंटे तक यहां प्रसूता का इलाज हुआ, लेकिन आराम नहीं मिला। इसके बाद गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में लेकर घर वाले चले गए, जहां दस दिनों तक प्रसूता का इलाज चला, इसके बाद स्वास्थ्य में सुधार हुआ। नंदनी क्लीनिक, देवरिया और गोरखपुर में हुए इलाज में 2.62 लाख रुपये खर्च हुआ है। रामपुर कारखाना पुलिस ने बिंदू देवी की तहरीर पर आशा कार्यकर्ता और नंदनी क्लीनिक पर केस दर्ज किया है। एसओ नरेंद्र प्रताप राय ने बताया केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है।