निलंबित हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल के खिलाफ केस
दिवसाधिकारी की तहरीर पर दर्ज हुआ केस, कार्रवाई में जुटी पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मदनपुर पुलिस ने निलंबित हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल के खिलाफ मारने-पीटने का केस दर्ज कर लिया है। यह कार्रवाई एसपी के निर्देश पर की गई है। दिवसाधिकारी ने केस दर्ज कराया है। बुधवार को मदनपुर थाने में एक युवक की पिटाई का वीडियो वायरल हुआ था। इसमें तीन पुलिसकर्मी और एक हेड कांस्टेबल युवक की बेरहमी से पिटाई कर रहे हैं। वह महेन गांव का रहने वाला युवक मनुहार करता रहा, लेकिन पुलिसवाले पिटाई करते रहे। मामले का संज्ञान लेते हुए एसपी ने सीओ रुद्रपुर दिनेश सिंह यादव से जांच कराई। जांच में मामला सही पाए जाने पर हेड कांस्टेबल लालबिहारी, कांस्टेबल चंद मौलेश्वर सिंह और डायल-112 में तैनात सिपाही जितेंद्र यादव को निलंबित कर दिया। उनके खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए थे। एसपी के आदेश पर दिवसाधिकारी रमाशंकर यादव ने तीनों के खिलाफ मदनपुर थाने में युवक की पिटाई करने का केस दर्ज कराया है। एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने बताया कि निलंबित किए गए तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज करा दिया गया है। अब आगे की कार्रवाई की जाएगी।
...तो किसी पुलिसकर्मी ने ही बनाया है वीडियो
सुनील कुमार सिंह
मदनपुर थाने में पुलिस की पिटाई का वायरल हुआ वीडियो किसी पुलिसकर्मी ने ही बनाया होगा। क्योंकि इतने इत्मीनान से अन्य कोई बाहरी व्यक्ति वीडियो नहीं बना सकता है। वहीं, एक पूर्व इंस्पेक्टर पर वीडियो वायरल करने का आरोप लग रहा है। 2:29 मिनट का वीडियो बनाने वाला शख्स मोबाइल में लीड लगाया है। वह मोबाइल घुमाकर पूरे मामले कवर कर रहा है। मामला भी बुधवार की दोपहर का ही है। पुलिस सूत्रों की मानें तो वीडियो एक महिला पुलिसकर्मी ने बनाया है। वह मदनपुर थाने में तैनात रहे एक इंस्पेक्टर की करीबी है। दो महीने पूर्व एसपी ने इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर किया था। इससे वह नाराज चल रहा था। नए थानेदार को हटवाने की जुगत में लगा था, लेकिन मौका हाथ नहीं लग रहा था। जैसे ही मौका मिला वीडियो बनवाकर वायरल किया गया। मजे की बात यह है कि यह वीडियो पहले भटनी और सलेमपुर इलाके के लोगों के पास पहुंचा था। वैसे इस मामले में एसपी साइबर सेल से वीडियो बनाने और वायरल करने वाले के बारे में जानकारी ले रहे हैं। इस बाबत एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने बताया कि मामले की गहनता से जांच कराई जा रही है। यदि पुलिसकर्मी ने इस वीडियो को वायरल किया है तो यह आचरण के विपरीत है।
एक पर क्यों दिखाई दरियादिली
युवक की पिटाई करने वाला जैकेट पहना है। इससे यह पता नहीं चल पा रहा है कि वह दरोगा है या दीवान, लेकिन उसके जूता का रंग बता रहा है कि दरोगा ही होगा। यदि दरोगा है तो फिर उस पर कार्रवाई नहीं होना सवाल पैदा कर रहा है। हालांकि एसपी उसे ही हेड कांस्टेबल बता रहे हैं। इसके अलावा बांह पर तीन फीती लगाने वाला भी एक हेड कांस्टेबल मौजूद रहे।