करीब 31 लाख की गड़बड़ी की बात आ रही सामने
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। बनकटा ब्लॉक में मनरेगा के तहत बिना कार्य हुए ही 31 मार्च को 1.70 करोड़ रुपये भुगतान के मामले में पांच सदस्यीय जांच टीम ने रिपोर्ट तैयार कर ली है। जल्द ही रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
विभागीय सूत्रों के अनुसार 42 ग्राम पंचायतों में हुई जांच में 31 लाख की गड़बड़ी की बात पुष्ट हो चुकी है। इस मामले 22 लोगों पर केस दर्ज किए जाने की तैयारी चल रही है। पत्रावली भी तैयार कराई जा रही है। इसमें ग्राम प्रधान, सेक्रेट्री और तकनीकी सहायकों के नाम हैं। अफसरों के अनुसार, गड़बड़ी करने वालों से धन की वसूली भी की जाएगी। वहीं जांच टीम ने निर्माण सामग्री गिरा लेने वाली पंचायतों को क्लीन चिट दे दी।
वहीं चर्चा इस बात की भी है कि एक अप्रैल को कार्यभार ग्रहण करने के बाद चार्ज न दिए जाने पर शक होने पर पता किया तो मामला खुलकर सामने आया। आखिर एक सप्ताह तक उन्होंने किसी अधिकारी को गड़बड़ी की सूचना क्यों नहीं दी। किसके आदेश पर ग्राम प्रधान, सेक्रेट्री, रोजगार सेवक को बनकटा थाने में बैठाया गया था। अगर ऐसा किया गया तो इसकी सूचना डीएम को क्यों नहीं दी।
जो भी हो पूरा मामला मुख्य विकास अधिकारी के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने सख्ती बरती और जांच शुरू करा दी। ऐसे में आनन फानन में गांवों में निर्माण सामग्री गिरने लगी। मजदूरों का मस्टरोल फर्जी होने के बाद बावजूद जांच टीम ने ऐसे लोगों को क्लीन चिट दे दी। चार दिन की जांच के बाद जांच टीम ने तकरीबन 31 लाख की गड़बड़ी की रिपोर्ट दी है।
इसमें बिना कार्य कराए करीब साढ़े 13 लाख और दो वर्ष पूर्व में हुए पांच कार्यों के नाम पर तकरीबन 17 लाख 20 हजार का भुगतान होने की पुष्टि हुई है। मुख्य विकास अधिकारी शिवशणप्पा ने बताया कि जांच रिपोर्ट तैयार हो गई है। दोषी के खिलाफ केस दर्ज कराकर उनसे धन वसूली की कार्रवाई की जाएगी।