लार। दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस पर एक मौलवी द्वारा मस्जिद की छत से पथराव करने के भ्रामक वीडियो वायरल करने के मामले में पुलिस ने मेहरौना चौकी इंचार्ज की तहरीर पर दो लोगों के खिलाफ सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने व आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।
लार थाना क्षेत्र के बभनौली गांव की दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए जुलूस निकाला गया था। श्रद्धालु डीजे की धुन पर थिरकते हुए माता का जयघोष करते हुए आगे बढ़ रहे थे। इसी बीच मस्जिद के बगल से जुलूस गुजरने लगा। मस्जिद के बगल में स्थित मकान की छत पर कुछ छोटे बच्चे खेल रहे थे व इधर-उधर ताक-झांक कर रहे थे। यह देख मौलवी ने हाथ से बच्चों को पीछे हटने का इशारा किया। ताकि छत से बच्चे नीचे जमीन पर ना गिरें। इसी का कुछ लोगों ने वीडियो बना लिया। कुछ देर बाद सोशल मीडिया पर विभिन्न वर्गों में धार्मिक शत्रुता, घृणा व वैमनस्यता पैदा करने की नीयत से इस वीडियो को सोशल मीडिया में प्रसारित किया गया। इससे प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस ने वायरल वीडियो की जांच की तो पत्थर फेंकने की बात पूरी तरह से भ्रामक निकली।
दुर्गा प्रतिमा आयोजकों ने भी इस तरह की घटना घटित होने से इन्कार किया। इसके बाद पुलिस ने मेहरौना चौकी इंचार्ज अमित कुमार सिंह की तहरीर पर अरुण कुमार सिंह गुड्डू निवासी पिपरा चौराहा लार व नीरज द्विवेदी लार देवरिया के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रकरण की जांच में जुटी हुई है। प्रभारी निरीक्षक कपिलदेव चौधरी ने बताया कि वायरल वीडियो फर्जी है। इसमें मस्जिद के मौलवी बच्चों को छत के किनारे आकर ताक झांक न करने का इशारा कर रहे हैं। जिससे कि बच्चे जमीन पर ना गिरें। दो लोगों के विरुद्ध आपसी सौहार्द बिगाड़ने व आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।