खुखुंदू के नरौली संग्राम के समीप दुर्घटनाग्रस्त कार।
- फोटो : DEORIA
देवरिया जिले के खुखुंदू थाना क्षेत्र के नरौली संग्राम मोड़ के पास शनिवार रात अनियंत्रित एक लग्जरी कार डिवाइडर पार करते हुए दूसरी तरफ जाकर अन्य एक कार से टकरा गई, जिससे दोनों गाड़ियों में सवार चालक समेत छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए लोगों और पुलिस के सहयोग से सदर अस्पताल भिजवाया गया, जहां इलाज के दौरान एक चालक ने दम तोड़ दिया। उधर, दुर्घटना के बाद हाईवे पर काफी देर तक जाम लगा रहा। पुलिस ने सड़क से वाहनों को हटवाकर आवागमन चालू कराया।
भटनी थाना क्षेत्र के नोनापार निवासी विष्णु यश तिवारी के परिवार में शादी की तैयारी चल रही है। 24 नवंबर को उनके यहां तिलक का कार्यक्रम है। शनिवार को वह बेहरा डाबर निवासी चालक बिजली यादव के साथ अपनी कार से बहन बिन्नी तिवारी और गांव के हर्ष तिवारी को लेकर देवरिया बाजार करने गए थे। उधर से लौटते समय रात हो गई।
चालक कार लेकर अभी देवरिया-सलेमपुर हाईवे पर नरौली संग्राम गांव के पास पहुंचा था कि दूसरी तरफ से आ रही लग्जरी कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर पार कर कार से भिड़ गई और कार को घसीटते हुए सौ मीटर पीछे तक ले गई। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची एंबुलेंस से घायलों को जिला अस्पताल भिजवाया गया, जहां इलाज के दौरान चालक बिजली यादव की मौत हो गई।
विष्णु यश और बिन्नी तिवारी का इलाज देवरिया में एक प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है। जबकि हर्ष तिवारी को डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया है। उधर, लग्जरी कार में सवार सिकंदरपुर बलिया निवासी उदय प्रताप यादव और गोपालगंज बिहार निवासी जय सिंह भी घायल हुए हैं। एसओ गोपाल प्रसाद राजभर ने बताया कि दोनों वाहनों में सवार सभी लोग चोटिल हुए थे। सभी घायलों को अस्पताल भिजवा दिया गया, जहां इलाज के दौरान चालक बिजली की मौत हो गई है।
दुनिया में आने से पहले ही सिर से उठा पिता का साया
बिजली यादव वाहन चलाकर ही परिवार की जीविका चलाता था। उसे क्या पता था कि एक दिन उसका हुनर ही उसकी जान ले लेगी। पत्नी निशा देवी गर्भवती हैं। दुनिया में आने से पहले ही उसके होने वाले बच्चे के सिर से पिता का साया उठ गया। घटना के बाद वह बदहवास है। उसे चिंता सता रही है कि दो बेटियों और आने वाले बच्चे की परवरिश कैसे होगी।
बेहरा डाबर निवासी बिजली चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। लंबे समय से वाहन चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता था। पिता की मौत के बाद वह पत्नी निशा देवी, मां सुभावती देवी और दो छोटी छोटी बेटियों की जिम्मेदारी लेकर चल रहा था। शनिवार रात निशा के परिवार के लिए काली रात बनकर आई और पलभर में ही अंधेरा कर चली गई। हादसे के बाद निशा बदहवास पड़ी है।