रोडवेज बस स्टैंड के गेट पर सवारी भरते डग्गामार वाहन के चालक।
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देवरिया। डग्गामार वाहन यात्रियों के जान के दुश्मन बन गए हैं। इसके बावजूद इस पर अंकुश नहीं लगाया जा रहा है। जिले का कोई ऐसा मार्ग नहीं होगा, जिस पर ये वाहन फर्राटे न भरते हों। रोडवेज के सामने दिनभर सवारियां भरते देखे जा सकते हैं। रोडवेज के अधिकारियों की माने तो डग्गामार वाहनों के कारण रोज परिवहन निगम को चार से पांच लाख रुपये के राजस्व की क्षति हो रही है।
ओवरलोड सवारी होने के कारण कई बार वाहन दुर्घटनाग्रस्त भी हो चुका है। रोडवेज के पास से करीब 64 अवैध बसें सुबह से देर शाम तक सवारियां भरती हैं। इनकी संख्या देवरिया-कसया, गोरखपुर-सलेमपुर, देवरिया-पडरौना रूटों पर सर्वाधिक हैं। डीएम, एडीएम, एसडीएम सहित कलेक्ट्रेट के अन्य अधिकारी रोज मुख्य मार्ग से गुजरते हैं। लेकिन किसी भी अफसरों को ये वाहन नजर नहीं आते हैं। रोडवेज का प्रतिदिन के आय का लक्ष्य 19 लाख रुपये है। डग्गामार वाहनों के चलते प्रतिदिन की आय 14 से 15 लाख के बीच रह गई है। एक सप्ताह से रोडवेज की आय इन्हीं आंकड़ों के बीच बनी हुई है।