देवरिया। खुखुंदू थाने की हवालात में डीसीएम चालक बृजपाल उर्फ विक्की की मौत के 11 दिन बाद भी करीब डेढ़ क्विंटल गांजा तस्करी के नेटवर्क की कड़ियां नहीं जुड़ सकी हैं। दो अक्तूबर को डीसीएम से गांजा बरामद कर चालक को गिरफ्तार किया गया था। अगले दिन उसकी हवालात में मौत हो गई थी। इसके बाद तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया और मामले की जांच शुरू हुई मगर गांजा कहां से भेजा गया था और देवरिया में किसे पहुंचाना था, इन सवालों के जवाब अब तक सामने नहीं आए हैं।
अमरोहा जिले के सोनडाला फरीदपुर निवासी बृजपाल उर्फ विक्की डीसीएम चालक था। पुलिस ने दो अक्तूबर को खुखुंदू-नूनखार मार्ग पर वाहन की तलाशी ली थी। इस दौरान ब्रान के बीच छिपाकर ले जाया जा रहा गांजा बरामद हुआ। परिजन के मुताबिक, चालक को असम से देवरिया तक ब्रान पहुंचाने के लिए 28 हजार रुपये भाड़ा देने की बात कही गई थी। उन्हें आशंका थी कि चालक की जानकारी के बिना वाहन में गांजा लादा गया था।
बताया गया कि देवरिया में माल पहुंचने से करीब 15 किमी पहले ही डीसीएम पकड़ ली गई। इसके बाद कथित तौर पर माल मंगाने वाले से संपर्क नहीं हो सका और उसका मोबाइल बंद मिला। पुलिस सप्लायर और खेप मंगाने वाले तक पहुंचने के लिए कॉल डिटेल खंगाल रही थी। इसी बीच तीन अक्तूबर को चालक की मौत हो गई।
चालक की मौत के बाद एसपी अभिजित आर. शंकर ने तत्कालीन थाना प्रभारी राहुल सिंह, आरक्षी गुल्लुर प्रसाद और अंगद यादव को निलंबित कर दिया था। पुलिस ने चालक के फंदा लगाने की बात कही थी, जबकि परिजन ने मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाए थे। बाद में राज्य मानवाधिकार आयोग ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए डीएम से रिपोर्ट मांगी।
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दूसरे आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं
गांजा बरामदगी के मामले में अब तक किसी अन्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। खेप भेजने वाले, उसे मंगाने वाले और तस्करी में शामिल अन्य लोगों की पहचान को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। चालक की मौत के बाद जांच की दिशा और तस्करी नेटवर्क तक पहुंचने की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आगे की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
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कोट
मामले की जांच चल रही है। आगे जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसे ध्यान में रखते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जो भी आरोपी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-गौरव सिंह, सीओ सलेमपुर