दो महीना की भाग दौड़ के बाद प्रत्याशियों के लिए रविवार का दिन राहत भरा रहा। पछुआ हवाओं के चलते सुबह अलसाई रही। इसके चलते अधिकांश प्रत्याशी रोजाना के अपेक्षा देर से सोकर उठे। बूथ पर मिलने वाले वोट से कार्यकर्ताओं ने जीत के लिए आश्वस्त किया। परिवारवालों और करीबियों के साथ बैठकर चाय-नाश्ता किया। इसके अलावा देर शाम तक समर्थकों के साथ बैठ कर हार जीत का समीकरण बनते बिगड़ते रहे। हालांकि परिणाम क्या होगा यह तो 11 मार्च को मतगणना के बाद मालूम चलेगा।
थकान नहीं मिटाया, प्रचार के लिए निकल गए काशी
पथरदेवा के भाजपा प्रत्याशी सूर्य प्रताप शाही रविवार की सुबह छह बजे काशी चले गए। सुबह पांच बजे उठे, तब तक कार्यकर्ताओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया। कार्यकर्ताओं से हाल चाल जाना। उनके साथ बैठ कर चाय की चुस्की ली। इसके बाद काशी के लिए निकल गए। दरअसल पीएम नरेेंद्र मोदी के प्रोग्राम में शामिल होने के लिए जाना रहा।
कार्यकर्ताओं संग दोपहर का लंच :पथरदेवा के सपा प्रत्याशी शाकिर अली रविवार की सुबह सात बजे उठे। तब तक दरवाजे के बाहर समर्थक आने लगे। कुछ देर बाद मीडिया प्रभारी कमलेेश पांडेय आ गए। उनसे इलाके का फीड बैक लिया। तब तक चाय पीने की तलब हुई। बेटे परवेज आलम को आवाज दी। कुछ देर बाद चाय की चुस्कियों संग मतदान के बारे में बताने लगे। इसके साथ मोबाइल पर आ रही कॉल को अटैंड करते रहे। दोपहर में कार्यकर्ताओं संग लंच किया। शाम तक करीबियों के आने का सिलसिला शुरू हुआ और बैठकी जमी रही।
कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा से शुरू हुआ दिन
मतदान के बाद प्रत्याशियों का पहला दिन कार्यकर्ताओं के साथ जीत-हार की कयासबाजी के बीच गुजरा। भाजपा कार्यालय में पूरे दिन सन्नाटा, जबकि सपा और बसपा कार्यालय में शाम को कार्यकर्ताओं की भीड़ दिखी।
देवकली गांव निवासी भाजपा प्रत्याशी काली प्रसाद रोज की अपेक्षा रविवार देर से सोकर उठे। दरवाजे पर कार्यकर्ताओं से जीत हार को लेकर चर्चा की। इसके बाद पार्टी के कार्यक्रम में शामिल होने बाहर चले गए। सपा प्रत्याशी विजय लक्ष्मी गौतम अभी सो रही थी कि लार नगर स्थित उनके आवास में कार्यकर्ता पहुंच गए। करीब दो घंटे तक गपशप किया। इसके बाद लार नगर के अलावा पिंडी समेत अन्य गांवों में भ्रमण करते हुए शाम 4 बजे सपा कार्यालय में पहुंची। रामनगर गांव निवासी बसपा प्रत्याशी रणविजय के घर पहुंचे पार्टी नेताओं ने जीत हार पर चर्चा की। इसके बाद प्रत्याशी पार्टी के बैठक में शामिल होने के लिए देवरिया चले गए। अन्य प्रत्याशियों का दिन
कयासबाजी के साथ दिन गुजरा: बरहज। विधान सभा चुनाव समाप्त होने के बाद प्रत्याशी और उनके समर्थक फुर्सत के समय में अपनी चुनावी गणित बैठाते हुए मंथन करते देखे जा रहे हैं। सभी अपने प्रत्याशी की जीत का दम भर रहे हैं। लेकिन देखा जाए तो मतदान में मतदाताओं ने जीत को त्रिकोणीय बना दिया।