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Deoria News: घर से बुलाकर युवक की गला रेत व पेट फाड़ कर हत्या

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मो. आकिब फाइल फोटो 
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- सोमवार सुबह गांव के बाहर बीच सड़क पर खून से लथपथ लाश मिली
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-पिता की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की
संवाद न्यूज एजेंसी।
सलेमपुर। चक हिछौरा गांव के एक युवक की रविवार देर रात नृशंस तरीके से हत्या कर दी गई। सुबह उसका शव गांव के बाहर बीच सड़क पर खून से लथपथ मिला। उसका गला रेता हुआ था और किसी धारदार हथियार से पेट फाड़ दिया गया था। पुलिस ने मृतक के पिता की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत मधवापुर के राजस्व गांव चक हिछौरा गांव निवासी मो. आकिब उर्फ डमरू (24) पुत्र शमीम अहमद बीए चतुर्थ सेमेस्टर का छात्र था। परिजनों के अनुसार, रविवार रात करीब 11 बजे आकिब को किसी ने फोन किया, जिसके बाद वह घर से निकल गया। आकिब घर से निकलने के बाद घरवाले आराम से सो गए। परिजनों के अनुसार, आकिब को गांव का एक युवक रात में अक्सर फोन करता था, जिसके बाद वह घर से निकल जाता था और दो-तीन घंटे बाद लौट आता था। इसलिए उन्हें कुछ अटपटा नहीं लगा।
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सुबह जब नींद खुली तो उसे घर में नहीं देखकर सब परेशान हुए। इसी बीच ग्रामीणों से पता चला कि गांव के बाहर बीच सड़क पर आकिब की लाश खून से लथपथ हालत में पड़ी है। यह सुनकर घरवाले स्तब्ध रह गए। वे मौके पर पहुंचे तो शव की हालत देखकर होेश उड़ गए। ऐसा लग रहा था जैसे किसी ने काफी गुस्से में कई बार किसी धारदार हथियार से वार कर उसका पेट फाड़ दिया। उसके बाद भी गुस्सा शांत नहीं हुआ तो गला रेत दिया।
इस नृशंस हत्या की सूचना मिलने पर सुबह करीब सात बजे सीओ दीपक शुक्ला, कोतवाल उमेश कुमार वाजपेयी, एसओजी टीम, डॉग स्क्वायड टीम व फॉरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल पहुंच गए। घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद आकिब के घरवालों से पूछताछ की। पुलिस को लाश के पास से उसका एक मोबाइल फोन मिला, जबकि दूसरा फोन, जिस पर रात में कॉल आने के बाद आकिब घर से निकला, वह गायब था। पुलिस बरामद फोन की मदद से हत्या का सुराग तलाशने की कोशिश कर रही है। दूसरी तरफ परिजन जिस युवक के बारे में चर्चा कर रहे हैं कि आकिब अक्सर रात में उसके साथ बाहर जाता था, घटना के बाद से वह भी फरार है। बताया जा रहा है कि वह युवक रेप के मामले में जेल जा चुका है और इस समय जमानत पर बाहर है।

आधी रात को कहां जाता था
एसओजी आकिब की लाश के पास मिले मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालने के साथ टॉवर लोकेशन खंगाल रही है। पुलिस यह जानना चाहती है कि वह कौन था, जिसके कॉल करने पर आकिब अक्सर रात में घर से बाहर जाता था और वह जाता कहां था ? क्या रविवार रात भी उसी के फोन करने पर वह घर से निकला था या फोन किसी और ने किया था। अगर वह कोई दूसरा था तो वह कौन है? आकिब का दूसरा फोन कौन ले गया? उस फोन में ऐसा क्या था, जिसे हत्यारा नहीं चाहता था कि वह किसी को पता चले? इन सारे सवानों के जवाब तलाशने के लिए पुलिस टीम लगी हुई है।

कब्रिस्तान की तरफ क्या करने गया था आकिब
आकिब की हत्या की सूचना पर डॉग स्कवायड भी पहुंचा। खोजी कुत्ते को जब छोड़ा गया तो वह घटनास्थल से कच्ची सड़क पकड़ कर पास के मजार के पास पहुंचा। वहां से कुत्ता गांव की तरफ जानेवाली सड़क की तरफ मुड़ गया। कुछ दूर जाने के बाद वह सड़क छोड़ कब्रिस्तान की तरफ चला गया। वहां वह पगडंडी पकड़ कर खेतों की तरफ उतर गया। वहां एक से दो खेत की तरफ गया और वापस फिर सड़क पर आ गया। वहां से कुत्ता आकिब के उस कमरे में पहुंचा, जहां से फोन आने के बाद वह घर से निकला था। वहां जाकर कुत्ता बैठ गया।
पुलिस को यह समझ में नहीं आ रहा है कि खोजी कुत्ता कब्रिस्तान की तरफ क्यों गया, फिर वहां से खेतों की तरफ। फिर अचानक मुड़ा और घर चला आया। पुलिस ऐसा मान रही है कि आकिब रविवार को घर से निकल कर रोज की भांति घर से उतर दिशा से होकर पश्चिम की तरफ जाने वाली पिच सड़क से होकर नहीं गया था। वह उस दिन गांव के दक्षिण की तरफ से गांव के बाहर जा रही कच्ची सड़क पकड़ कर गया था। आगे वह खेतों की तरफ व कब्रिस्तान की तरफ क्या करने गया था। क्योंकि घटनास्थल से निकले खोजी कुत्ता इसी तरह से होकर घर पहुंचा था। अब पुलिस इन सारे सवालों के जवाब तलाशने में लगी है।


गांव की एक युवती का आकिब की बहन ने लिया नाम
पुलिस ने आकिब के घरवालों ने एक-एक कर घटना की जानकारी ली। भाई की मौत की सूचना मिलने पर पहुंची विवाहिता बहन ने पुलिस को गांव की एक युवती का नाम बताया। पुलिस गोपनीय तरीके से युवती व आकिब के संबंध की जानकारी ले रही है। हालांकि अभी ऐसा कुछ खास पुलिस के हाथ नहीं लगा है, जिससे हत्या में उस युवती की संलिप्तता के बारे में कुछ कहा जा सके। पुलिस अंजाद लगा रही है कि कहीं आबिक का युवती से प्रेम प्रसंग तो नहीं चल रहा था, जिसकी भनक उसके परिजनों को लग गई और उन्होंने उसे मर दिया। हालांकि यह सब सिर्फ अनुमान भर हैं। पुलिस विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है।
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बेटे की लाश देख फफक पड़े पिता
आकिब तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसके पिता शमीम अहमद शिक्षक पद से रिटायर्ड हैं। दो बड़े भाई विदेश में रहकर प्राइवेट जॉब करते हैं। वह घर पर पिता के साथ रहकर पढ़ाई के साथ साथ खेती बारी के साथ पेड़ पौधा लगाने में रुचि रखता था। बेटे की हत्या की बात का सहसा उन्हें विश्वास नहीं हुआ। शव देखने के बास वह फफक पड़े। कहा कि काश! आकिब ने उनकी बात मान ली होती और आपराधिक प्रवृत्ति वाले अपने दोस्त से दूरी बना ली होती, जो अभी जमानत पर बाहर है। तो उसे अपनी जान नहीं गंवानी पड़ती।
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