-नेपाल के पानी छोड़े जाने के चलते नदी के जलस्तर में हो रही है वृद्धि तटवर्तीय क्षेत्र में रहने वालों की चिंता बढ़ी
संवाद न्यूज एजेंसी
भागलपुर। पहाड़ों पर हो रही बारिश से सरयू में लगातार तीसरे दिन भी बढ़त जारी रही। तुर्तीपार रेगुलेटर पर नदी का जलस्तर सोमवार दोपहर दो बजे 64 मीटर 58 सेमी दर्ज किया गया। जो खतरे के निशान से 28 सेमी ऊपर है। आयोग ने 24 घंटे जलस्तर में वृद्धि का पूर्वानुमान लगाया है। नदी का पानी रिहायशी इलाकों की ओर पहुंचने लगा है, जिससे तटवर्ती इलाकों के लोगों की चिंता बढ़ गई है।
सरयू का तेवर अब तबाही मचाने का ताना-बाना तैयार कर रहा है। स्थिति यह है कि अब नदी का पानी रिहायशी इलाकों में घुसने लगा है। 24 घंटे में नदी का रुख देखकर ग्रामीण दहशत में हैं। क्षेत्र के दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नदी के जलस्तर में वृद्धि को देख कर ऐसा लगने लगा है कि आने वाले दिनों में बाढ़ की स्थिति और भी विकराल हो सकती है। तहसील प्रशासन ने भी बाढ़ की शंका को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार तुर्तीपार रेगुलेटर पर दोपहर 2 बजे 64 मीटर 58 सेमी दर्ज की गई, जो खतरे निशान 64 मीटर 30 सेमी से 28 सेमी ऊपर है।
रविवार को नदी का जलस्तर 64 मीटर 31 सेमी था। 24 घंटे में 27 सेमी की बढ़ोतरी हुई है। बरहज के एसडीएम अंगद यादव ने कहा कि नदी के बाढ़ को देखते हुए सभी बाढ़ चौकियों पर तहसील कर्मचारियों को मौजूद रहने को कहा गया है। निगरानी की जा रही है।