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नहीं हुआ था व्यवसायी का अपहरण

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नहीं हुआ था व्यवसायी का अपहरण
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व्यवसायी ने बताया, आर्थिक तंगी की वजह से अपहरण की कहानी का बनाया था प्लान
संवाद न्यूज एजेंसी
बघौचघाट। कपड़ा व्यवसायी ने खुद कबूल किया कि उसका अपहरण नहीं हुआ था। आर्थिक तंगी व मानसिक परेशानी की वजह से उसने अपहरण का प्लान बनाया, ताकि उसे कोई परेशान नहीं करेगा। वह घरेलू समस्या से भी परेशान है। पुलिस ने यूपी-बिहार में खंगाले गए सीसीटीवी फुटेज में पाया कि व्यवसायी बिहार में पैदल अकेले जा रहा है।
थाना क्षेत्र के पकहॉ नौगांवा निवासी मनोज कुशवाहा की ओर से रची गई अपहरण की साजिश में बुधवार को दिन भर पुलिस के अधिकारी परेशान रहे। मनोज घर से टहलने के बहाने सुबह निकला और अपनी पत्नी व मां के नंबर पर फोन करके खुद बताया कि मेरा कुछ लोगों ने अपहरण कर लिया है। अपहरण की सूचना मिलते ही परिजनों के होश उड़ गए। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस विभाग के छोटे से बड़े अधिकारी मौके पर पहुंच गए। शाम होते-होते पुलिस टीम मनोज को लेकर आई।
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बृहस्पतिवार को सुबह सदर सीओ श्रीयश त्रिपाठी और थाना प्रभारी उपेंद्र मिश्र ने मनोज को साथ लेकर यूपी-बिहार के रास्ते में पड़ने वाले सीसीटीवी फुटेज को खंगाला। इसमें मनोज अकेले पैदल ही बिहार में जाते दिख रहा है। सीओ श्रीयश त्रिपाठी ने बताया कि मनोज का अपहरण नहीं हुआ था। उसने खुद अपहरण की कहानी रची थी। पारिवारिक विवाद के कारण उसने ऐसा प्लान बनाया था।
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