- तीन महीने पहले बड़े बेटे की मौत, व्यापार में घाटे और कर्ज के कारण परेशान थे
-गोरखपुर-देवरिया रेलखंड पर शुक्रवार देर रात लखनऊ-बरौनी एक्सप्रेस के सामने कूदे
संवाद न्यूज एजेंसी
गौरी बाजार (देवरिया)।
तीन महीने पहले सड़क हादसे में बड़े बेटे की मौत का सदमा, व्यापार में चल रहे घाटे और कर्ज से परेशान एक दुकानदार ने शुक्रवार रात लखनऊ-बरौनी एक्सप्रेस के आगे कूदकर जान दे दी। उन्हें बचाने की कोशिश में उनका छोटा बेटा भी ट्रेन की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई। घटना गोरखपुर-देवरिया रेलखंड पर पिलर संख्या 473/ 121 (जील मोटर के सामने) के पास हुई। जीआरपी की सूचना पर पहुंची पुलिस ने व्यापारी की जेब में मिले फोन से परिवार को घटना की जानकारी दी।
चीनी मिल कॉलोनी के वार्ड संख्यां-2 निवासी श्रवण कुमार जायसवाल (55) की रामलक्षन में रेडीमेड कपड़े की दुकान है। तीन माह पूर्व दुकान से आते समय उनके बड़े बेटे श्वेतांक जायसवाल की मार्ग दुर्घटना में मौत हो गई थी। श्वेतांक की मौत के बाद दुकान घाटे में चल रही थी। इस कारण वह आर्थिक रूप से परेशान थे। शुक्रवार रात करीब आठ बजे वह दुकान के लिए कपड़ों की खरीदारी करने अपने छोटे पुत्र राकेश के साथ गोरखपुर जिले के चौरीचौरा बाजार गए थे।
बताया जा रहा है कि वहां पिता-पुत्र में बहस हो गई। राकेश का कहना था कि दुकान के लिए ज्यादा कपड़े कर्ज पर ले लिए जाएं, जबकि श्रवण चाहते थे कि पहले का कर्ज चुकाने के बाद ही कर्ज पर नया सामान लिया जाय। इसको लेकर पिता-पुत्र में काफी देर तक बहस हुई पर वे किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे। इसके बाद रात करीब 11 बजे के बाद दोनों घर के लिए चल दिए।
रास्ते में श्रवण ने अचानक बाइक गौरीबाजार कस्बे से करीब दो किमी पहले जील मोटर के शो रूम के बगल से रेलवे लाइन की तरफ मोड़ दी। रेलवे ट्रैक के करीब पहुंचे, उस वक्त गोरखपुर से देवरिया की तरफ लखनऊ-बरौनी एक्सप्रेस आ रही थी। ट्रेन के लोको पायलट के अनुसार, अचानक एक व्यक्ति रेलवे ट्रैक पर आ गया। उसके बगल में मौजूद व्यक्ति उसका हाथ पकड़कर खींच रहा था। उन्होंने हॉर्न बजाया पर दोनों ट्रैक से नहीं हटे और ट्रेन की चपेट में आ गए। इसके बाद रात करीब 12 बजे लोको पायलट ने गौरी बाजार रेलवे स्टेशन को मेमो के माध्यम से हादसे की सूचना दी। इसके बाद जीआरपी ने गौरी बाजार पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने पड़े मोबाइल से घरवालों को सूचना दी। मौके से पुलिस ने बाइक, छह हजार कैश सहित अन्य सामान बरामद किए। एसओ डॉ. महेंद्र कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिवार अगर कोई तहरीर देगा तो उस आधार पर जांच की जाएगी।