बरहज। नगर-क्षेत्र में आवागमन की सुविधाएं पूरी तरह से नदारद हैं। महानगरों के लिए कोई सीधी बस सेवा नहीं है, जिससे लोगों का समय के साथ-साथ धन का भी दोहन हो रहा है। वहीं अधिकांश सड़कों के टूटने से लोगों की सांसत बढ़ गई है।
बरहज में स्थाई बस स्टेशन न होने के कारण सवारी भरने के लिए परिवहन की बसें सड़क पर खड़ी होती हैं। देवरिया से कपरवार के रास्ते आजमगढ़ के लिए बसें संचालित की जाती हैं लेकिन बनारस, लखनऊ, गोरखपुर आदि जगहों के लिए सीधी बस सेवायें नहीं हैं। इन जगहों की यात्रा करने के लिए लोगों को दो से तीन जगहों पर गाड़ियां बदलना मजबूरी हो जाता है।
पैना के रास्ते सलेमपुर, लार, जबकि कपरवार-रुद्रपुर मार्ग पर कोई बस सेवा नहीं है। लोगों का यह भी कहना है कि रोजाना दर्जनों गांवों से गोरखपुर, लखनऊ, बनारस सहित अन्य जगहों के लिए सवारियां निकलती हैं लेकिन परिवहन निगम की बसों के न चलने से प्राइवेट साधन ही सहारा बनते हैं। जिससे लोगों को जेब ढीली करना मजबूरी हो जाता है। बीच-बीच में महेन, गोरखपुर, देवरिया, करायल से जनपद मुख्यालय, कपरवार से लखनऊ के लिए बस सेवायें चलाई जाती हैं। ज्ञानेश्वर सिंह, अखिलेश सिंह, चिंतामणि साहनी आदि का कहना है कि सरकारी बस सेवाएं फिसड्डी हो गई हैं। एआरएम कपिलदेव प्रसाद ने बताया कि देवरिया से आजमगढ़, बनारस की बस सेवा है जो बरहज होकर जाती हैं। बरहज के यात्री देवरिया आकर अन्य महानगरों के लिए बस सेवा ले सकते हैं। संवाद