पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रेम यादव की पत्नी शीला के अनुसार, घटना के दिन सुबह किसी का फोन आने पर पति बाइक से निकले थे। वहीं, घटनास्थल से सत्यप्रकाश दूबे और उनके परिजनों के मोबाइल भी बरामद नहीं किए जा सके हैं।
बताया जा रहा है कि दरवाजे पर प्रेम यादव की मौत के बाद सत्यप्रकाश दूबे के परिजनों ने पुलिस और सगे संबंधियों को घटना की सूचना दी थी। इसके कुछ देर बाद ही आक्रोशित भीड़ सत्यप्रकाश के दरवाजे पर पहुंच गई और पांच लोगों की हत्या कर दी गई।
दोनों पक्षों के मारे गए लोगों के मोबाइल फोन से अन्य संदिग्धों की भूमिका का राज खुल सकता है, क्योंकि इस घटना में कई असलहों का इस्तेमाल हुआ है। इसके कारण पुलिस अभयपुरा और प्रेम के करीबियों के असलहों के बारे में जानकारी जुटा रही है, ताकि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। एएसपी राजेश कुमार ने बताया कि केस के हर पहलुओं पर गहनता से जांच चल रही है। सीडीआर से दोनों तरफ से हुई बातों का रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। असलहों की तलाश की जा रही है।