भीखम छपरा गांव में पोखरी की जमीन से कब्जा हटवाता बुलडोजर।
देवरिया। भीखम छपरा गांव में आरएसएस कार्यकर्ता रामेश्वर तिवारी हत्याकांड के आरोपियों के कब्जे वाली सरकारी जमीन पर बृहस्पतिवार को बुलडोजर चला। राजस्व टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और पोखरी की जमीन पर बोई गई धान की फसल हटवाकर भूमि खाली कराई।
इससे पहले चार अक्तूबर को सलेमपुर के एसडीएम क्षितिज द्विवेदी के आदेश पर राजस्व टीम ने गांव में सरकारी जमीन की पैमाइश की थी।
इसमें गाटा संख्या 35 की 0.178 हेक्टेयर पोखरी की भूमि में से 0.081 हेक्टेयर पर संजय और वशिष्ठ नारायण की ओर से धान की फसल बोए जाने की बात सामने आई थी। अन्य सरकारी भूमि भी जांची गई थी, जो मौके पर खाली मिली थी।
सीसीटीवी फुटेज से खुल सकती है हत्याकांड की पूरी परत : रामेश्वर तिवारी हत्याकांड में पुलिस की जांच अब सीसीटीवी फुटेज की ओर मुड़ गई है। वादी पक्ष से सीसीटीवी कैमरे की फुटेज मांगी गई है मगर वह अभी तक पुलिस को नहीं मिल सकी है।
माना जा रहा है कि फुटेज मिलने पर घटना के समय मौजूद लोगों की भूमिका, हमले का क्रम और पूरे घटनाक्रम की सच्चाई साफ हो सकेगी। इस हत्याकांड में पुलिस ने छह नामजद और 10 अज्ञात समेत 16 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की है।
दो बाल अपचारियों को पुलिस ने पकड़कर जुबेनाइल कोर्ट में पेश किया था, जहां से उन्हें बाल सुधार गृह भेजा जा चुका है।
नामजद आरोपी दीपक तिवारी को मुठभेड़ के बाद और अभिनीत तिवारी को बाद में गिरफ्तार किया गया। उधर 10 अज्ञात आरोपियों की पहचान पुलिस अब तक नहीं कर सकी है। पुलिस उनकी पहचान करने की कोशिश में जुटी है। पहचान होने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।