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कोरोना से सहमा बीएसएफ का जवान

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‘कोरोना‘ से सहमा बीएसएफ का जवान
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पहुंचा जिला अस्पताल, डॉक्टर ने काउंसिलिंग के बाद छोड़ा
सर्दी और जुकाम से था पीड़ित, तिब्बत बॉर्डर पर है तैनाती
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कोरोना वॉयरस से सहमा बीएसएफ का जवान बुधवार को जिला अस्पताल पहुंचा। घबराया जवान वायरस का हवाला देते हुए इलाज और जांच की मांग करने लगा। इसकी जानकारी होते ही अस्पताल में मौजूद मरीजों में अफरा-तफरी मच गई। डॉक्टर ने काउंसिलिंग के बाद उसे दवा देकर आराम करने की सलाह दी। हालांकि, दवा खाने के बाद उसकी सेहत में सुधार बताया जा रहा है।
खामपार थाना क्षेत्र के सिरिसिया मिश्र गांव निवासी अवनीश कुमार मिश्र बीएसएफ के जवान हैं। उनकी तैनाती तिब्बत बॉर्डर पर है। इन दिनों अवकाश पर घर आए हुए हैं। उनको सर्दी हुई है, बदन में दर्द है और छींक आ रही है। कोरोना वॉयरस होने का संदेह जवान को सताने लगा। परिचितों के साथ वह दोपहर में जिला अस्पताल पहुंचे। पर्ची कटाने के बाद सर्जन डॉ. गुलाम नवी के पास गए और खुद को कोरोना की चपेट में आने का संदेह जताते हुए इलाज की मांग की। घबराए हुए जवान को देखकर डॉक्टर परेशान हो गए और ओपीडी कक्ष से सभी मरीजों को बाहर कर काउंसिलिंग की। लेकिन डॉक्टर की बातों पर जवान को विश्वास नहीं हो रहा था। सीएमएस को डॉक्टर ने इसकी जानकारी दी। सीएमएस ने भी सर्दी-जुकाम बताया और आराम करने की सलाह दी। लेकिन साथ में मौजूद लोग गोरखपुर या लखनऊ जांच कराने की बात कहकर उन्हें लेकर चले गए। अवनीश कुमार मिश्र के भाई धनंजय मिश्र ने मोबाइल से बातचीत के दौरान बताया कि तिब्बत बॉर्डर से आने के कारण थोड़ा उन्हें डर था। अस्पताल से आने के बाद दवा खाए तो काफी हद तक आराम मिला है।
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कोट
बीएसएफ जवान को सर्दी-जुकाम हुआ था। बाहर से आने के कारण वह कोरोना वॉयरस का संदेह खुद पर कर रहा था। उसमें कोई भी लक्षण ऐसा नहीं दिखा। उसे समझाने के बाद छोड़ दिया गया। उसका एड्रेस सुरक्षित किया गया।
-डॉ. छोटेलाल, सीएमएस जिला अस्पताल।
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