एकौना के बैदा गांव में सड़कों पर पानी लगने के विरोध में धान की रोपाई करते गांववाले।
- फोटो : अमर उजाला
एकौना। मानसून की पहली बरसात ने बैदा गांव के लोगों को गांव में कैद कर दिया है। गांव की सभी सड़के पानी और कीचड़ से सनी होने से आवागमन बाधित हो गया है। पीडब्लूडी की सड़क की दयनीय दशा को लेकर बुधवार को गांव वालों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने सड़क पर धान की रोपाई कर लोक निर्माण विभाग के खिलाफ नारेबाजी की।
गांव के नरेंद्र शुक्ला, अवधेश शुक्ला, पवन चौहान, सिकंदर चौहान, चिनिया देवी,ऊषा देवी, अवधेश शुक्ल, कुशमावती देवी, उमा पासवान आदि ने बताया कि चौराहे से गांव को जोड़ने वाला मुख्य संपर्क मार्ग टूट कर जर्जर हो गया है। बरसात में गांव के अंदर तक की सड़क पानी से लबालब हो गई। गांव में पांव रखने के लिए तिल भर भी जगह नहीं बची है। कीचड़ से सनी सड़कों पर पैदल चलना दूभर हो गया है।
गांव से निकलने वाली हर सड़क पानी में डूब जाने के कारण न कोई वाहन जा पा रही है और ना ही लोग पैदल निकल पा रहे है। सड़क की दयनीय दशा लोक निमार्ण विभाग के गैर जिम्मेदाराना रवैए से हुई है।
गांववालों ने कीचड़ से सनी सड़कों पर धान रोपकर प्रदर्शन् किया। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग सड़क की मरम्मत नहीं शुरू करेगा तो पूरा गांव तहसील पर धरना देगा। इस बाबत लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एके वर्मा ने कहा कि बरसात के बाद सड़क को ठीक करा दिया जाएगा।