प्रधानमंत्री आवास योजना में रिश्वतखोरी उजागर
एसडीएम की जांच में खुली पोल, सभासद के पति पर घूस लेने का आरोप
रिश्वत लेकर अपात्रों को बांटे गए आवास
अमर उजाला ब्यूरो
रुद्रपुर। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में रिश्वतखोरी का मामला उजागर हुआ है। योजना की हकदार एक महिला ने सभासद के पति पर पहली किस्त के भुगतान पर जबरन रकम वसूलने का आरोप लगाया है। डीएम ने मामले की जांच एसडीएम रुद्रपुर को सौंपी है। बुधवार को हुई एसडीएम की जांच में पूरी योजना में रिश्वतखोरी का मामला उजागर हुआ।
रुद्रपुर में पीएम आवास योजना के तहत करीब नौ सौ लोगों के पक्के मकान बन रहे हैं। इस योजना का लाभ लेने वालों को ऊपर से नीचे तक रकम खर्च करनी पड़ रही है। पात्रता निर्धारण की जिम्मेदारी नगर पंचायत के ईओ की है। योजना में घूस की रकम देकर अपात्र भी अपनी पात्रता सिद्ध कर दे रहे हैं। टेढ़ा स्थान वार्ड निवासी बुसरावती देवी पत्नी उमाशंकर ने शपथ पत्र के साथ डीएम को शिकायती पत्र देकर बताया कि वार्ड सभासद के पति ने आवास की प्रथम किस्त आने पर 20 हजार रुपये रिश्वत ली। वह दूसरी किस्त मंगाने के लिए 30 हजार रुपये की मांग कर रहे हैं। उन्होंने उनका पास बुक भी जब्त कर लिया था। चार माह बाद घूस की रकम देने पर पास बुक वापस किया। जांच अधिकारी एसडीएम संजीव उपाध्याय ने कहा कि मौके पर जाकर मामले की जांच की गई। इस योजना में रिश्वतखोरी की तमाम लोगों ने शिकायत की है। पीड़िता का मौके पर बयान लिया गया। उसने कहा पहली किस्त आने पर 20 हजार ले चुके सभासद के पति दूसरी किस्त मंगाने को तीस हजार की मांग कर रहे हैं। मोहल्ले के लोगों ने रकम लेकर तमाम अपात्रों को योजना का लाभ देने की शिकायत की। पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है। रुद्रपुर में योजना के तहत बन रहे सभी आवासों की जांच होगी। मामले में दोषी पाए जाने पर अधिकारियों और बिचौलियों के खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा। इस बाबत सभासद प्रतिनिधि उपेंद्र मास्टर ने कहा कि आरोप निराधार हैं। निष्पक्ष जांच होने पर दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।