संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। गर्मी बढ़ने से लोगों की सेहत पर असर पड़ रहा है। पसीना अधिक निकलने और वायु प्रदूषण की वजह से लोगों को सांस की दिक्कत हो रही है।
बैक्टीरिया और वायरस के संक्रमण और गर्म हवा के नाक से अंदर जाने के कारण एलर्जी, अस्थमा व सांस के मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है। वहीं निमोनिया और टीबी के चपेट में आने की आशंका रहती है।
मेडिकल कॉलेज में सांस की समस्या लेकर आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। रोजाना 50 से 60 मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। डॉक्टर जांच-दवा के साथ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
इस मौसम में बैक्टीरिया और वायरस ग्रोथ करते हैं। ऐसे में लोग संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। गर्मी के मौसम में नमी की अधिकता से सांस नली में सूजन होने से सांस लेने दिक्कत हो रही है। इससे अस्थमा, सीओपीडी और एलर्जी की समस्या हो रही है।
वहीं बलगम गाढ़ा होने से निमोनिया और टीबी से भी लोग पीड़ित हो रहे हैं। चेस्ट और टीबी विभाग की ओपीडी में बुधवार को अधिक संख्या में मरीज पहुंचे थे। डॉ. अनुराग शुक्ला व डॉ. सुमित ने 130 से अधिक मरीजों का इलाज किया। इसमें 50 से 60 मरीज गर्मी के कारण सांस की समस्या से पीड़ित थे।
डॉ. अनुराग शुक्ला ने बताया कि इस मौसम में बैक्टीरिया और वायरस ग्रोथ करते हैं। तापमान अधिक होने से पसीना ज्यादा निकलता है। इससे बलगम गाढ़ा हो जाता है। धूल, पराग कण के उड़ने से वायुमंडल में प्रदूषण और गर्म हवा नाक से अंदर जाने पर सांस की नली में सूजन हो जाता है।
इससे अस्थमा, सीओपीडी व एलर्जी के मरीजों को दिक्कत होती है। इस मौसम में सभी को सतर्क रहने की जरूरत है।