चाय की दुकानों पर चल रही चुनावी चकल्लस, रुद्रपुर में अभी नहीं खुल पाया है सपा और बसपा का खाता
-दो बार कांग्रेस और एक बार भाजपा का रहा कब्जा, लगातार दो बार निर्दलीय चुनाव जीते फौजदार
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। देवरिया जिले की सबसे पुरानी टाउन एरिया रुद्रपुर में मुकाबला दिलचस्प होता जा रहा है। यहां प्रमुख राजनैतिक दलों में सपा और बसपा का अभी तक खाता नहीं खुल पाया है। कांग्रेस दो बार और भाजपा एक बार नगर पंचायत में अपनी जीत दर्ज कर चुकी है। निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर पूर्व चेयरमैन फौजदार शर्मा दो बार चेयरमैन रहे।
मतदान की तिथि नजदीक आने के साथ ही चुनावी पारा चरम पर पहुंच गया है। चाय और पान की दुकानों पर चुनावी चकल्लस जोरों पर है। प्रचार के अंतिम दौर में भाजपा, बसपा, सपा, कांग्रेस, आप, सुभासपा और एनसीपी के उम्मीदवार प्रचार में पूरी ताकत झोंक रहे हैं। रुद्रपुर के चुनावी रण में ऊंट किस करवट बैैठेगा, पता लगाना आसान नहीं है। वर्तमान में भाजपा, बसपा, सपा, कांग्रेस, आप, सुभासपा, एनसीपी और निर्दलीय प्रत्याशी सहित आठ लोग मैदान में हैं।
पिछले चुनावों पर नजर डाली जाए तो वर्ष 1991 और 1996 में दो बार निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर फौजदार शर्मा चुनाव जीत कर चेयरमैन बने। वर्ष 2001 में कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. रामभरोसा त्रिपाठी ने पहली बार टाउन एरिया में कांग्रेस का परचम लहराया। वर्ष 2006 में नेलोपा के टिकट पर सुभाष चंद्र मद्धेशिया चेयरमैन बने। वर्ष 2012 में भाजपा प्रत्याशी छट्ठेलाल निगम भाजपा का खाता खोलने में कामयाब रहे।
वर्ष 2017 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीत कर लालमती देवी नगर पंचायत में दूसरी बार कांग्रेस का कब्जा दिलाईं। इस बार सपा और बसपा को खाता खोलने और भाजपा, कांग्रेस को इतिहास दोहराने की चुनौती है।
चाय की दुकान पर चुनावी चर्चा में मशगूल रमेश विश्वकर्मा, सिकंदर यादव, रामदरश कुशवाहा, रमेश यादव आदि ने कहा कि मतदाता बोल नहीं रहे हैं।
इस बार किसी भी दल के पक्ष में अभी कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिल रहा है।