देवरिया। भारतीय न्याय संहिता विधि के क्षेत्र में उपयोगी व अनुपयोगी विषय पर बृहस्पतिवार को दीवानी न्यायालय सभागार में सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार को संबोधित करते हुए अपर जनपद न्यायाधीश संजय सिंह ने कहा कि 160 साल पुराने कानून को बदलकर 1 जुलाई 2024 से भारतीय न्याय संहिता भारत में लागू कर दी गई है।
नये कानून के बारे में न तो न्यायिक अधिकारी पूरी तरह जान रहे हैं और न हीं अधिवक्ता। इसलिए ऐसे सेमिनार की आवश्यकता है। परिवर्तन प्रकृति का शाश्वत नियम है, ऐसे में कानून के क्षेत्र में भी परिवर्तन करना जरूरी हो गया था। पुराने कानून को हटाकर रिमोट कंट्रोल से हो रहे नये तरीके के आधुनिक अपराधों के लिए विधि में स्पष्ट उल्लेख न होने के कारण बड़े अपराधी कानून का लाभ लेकर बच जाते थे।
अपर जिला मनोज कुमार तिवारी ने कहा कि जैसे विज्ञान के क्षेत्र में शोध दिन प्रतिदिन उन्नति के शिखर पर पहुंचता है वैसे ही कानून में भी शोध आज के परिवेश में आवश्यक हो गया है। न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं को कानून के क्षेत्र में शोध करने की आवश्यकता है। जनपद न्यायाधीश देवेंद्र सिंह ने कहा कि उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार नए कानून के बारे में सेमिनार आयोजित किया जाना अधिवक्ता और न्यायिक अधिकारियों के लिए जरूरी हो गया है। समारोह को अधिवक्ता अमित कुमार त्रिपाठी, अजय राय, भीमसेन सिंह ने संबोधित किया। सेमिनार में प्रधान न्यायाधीश बद्री विशाल पांडेय, अपर जिला जज ओमवीर सिंह आदि मौजूद रहे।