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रक्तदान कर किया कारगिल के शहीदों को याद

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रक्तदान कर किया कारगिल के शहीदों को याद
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अमर उजाला फाउंडेशन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित हुआ शिविर
लॉकडाउन में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए 35 लोगों ने किया रक्तदान
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कारगिल विजय दिवस पर रविवार को अमर उजाला फाउंडेशन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से ‘लहू देश के लिए’ अभियान के तहत जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। लॉकडाउन के बावजूद 35 महादानियों ने सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए रक्तदान किया। रक्तदाताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। सभी को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
शिविर का शुभारंभ अपर जिला जज मनोज कुमार मिश्र एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव/ न्यायाधीश शिवेंद्र मिश्र ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। बतौर मुख्य अतिथि न्यायाधीश मनोज कुमार मिश्र ने कहा कि 26 जुलाई 1999 को हमारे वीर जवानों ने कारगिल फतह कर दुश्मनों के दांत खट्टे कर दिए थे। सैनिकों ने जिस तरह अपने प्राणों को न्यौछावर कर देश की रक्षा की, उसी तरह रक्तदान जैसा नेक कार्य कर दूसरों का जीवन बचाया जा सकता है। रक्तदान को महादान की श्रेणी में इसलिए शामिल किया जाता है क्योंकि इससे किसी की अमूल्य जान की रक्षा होगी। रक्तदान करने वाले लोग तारीफ के पात्र हैं जिन्होंने इस विपरीत समय में भी परिस्थितियों की परवाह न करते हुए अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। जिला सेवा विधिक प्राधिकरण के सचिव/न्यायाधीश शिवेंद्र मिश्र ने कहा कि रक्तदान को लेकर लोगों के मन में बैठी भ्रांतियों को दूर करने के लिए ऐसे शिविर लगातार आयोजित होने चाहिए। रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है। रक्तदान करने वाले लोगों ने अपने स्वविवेक से शहीदों को जो श्रद्धांजलि दी है, वह अन्य लोगों के लिए नजीर बनेगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी मानते हैं कि रक्तदान करने से सेहत और बेहतर होती है। वर्तमान में कोरोना संक्रमण के चलते साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। घर से निकलते वक्त मॉस्क जरूर पहनें और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करें। इससे आप खुद और आपका परिवार सुरक्षित रहेगा।
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अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष सुभाष राव ने कहा कि कारगिल विजय दिवस पर रक्तदान कर हम सामाजिक एवं राष्ट्रीय दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। भाजपा नेता अमित सिंह बबलू ने कहा कि रक्तदान महादान होता है। रक्तदान का महत्व उस समय पता चलता है जब कोई खून के अभाव में दम तोड़ देता है। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. छोटेलाल ने कहा कि रक्त की कमी से ब्लड बैंक जूझते रहते हैं क्योंकि रक्तदान करने वालों की संख्या कम है। ऐसे में अमर उजाला ने नेक पहल की है।
अतिथियों ने रक्तदान करने वालों को प्रशस्ति पत्र देकर उत्साहवर्धन किया। समारोह का संचालन शिक्षक अनिल मिश्रा ने किया। इसके पूर्व अतिथियों का लोगों ने पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। इस दौरान कलेक्ट्रेट बार के सचिव प्रीतम मिश्रा, हरेंद्र जायसवाल, बबलू तिवारी, राजीव मणि, आशीष पांडेय, रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव अखिलेंद्र शाही, नवनीत अग्रवाल, व्यास चतुर्वेदी, समाजसेवी अमित जायसवाल, हरिश्चंद्र मिश्रा आदि मौजूद रहे।
कारगिल दिवस पर जो बने महादानी
देवेंद्र सिंह, विपिन कुमार सिंह, सुनील मिश्रा, कमलेश सिंह, आशीष कुमार, इंद्रजीत यादव, इंद्रधर मणि त्रिपाठी, राजन सिंह, अज्जू वारसी, अजीत कुमार, अंबरीष कुमार मद्धेशिया, शिवम साहनी, भावेश मणि त्रिपाठी, सुनील कुमार नागर, अष्टभुजा तिवारी, प्रशांत मणि त्रिपाठी, सूर्यकंचन विश्वकर्मा, चंदन यादव, शशांक जोशी, अरविंद मणि त्रिपाठी, राजेश मिश्रा, मुनेब, हरिओम मद्धेशिया, अमित मिश्रा, बालाजी मद्धेशिया, तेजनारायण तिवारी, अब्दुल नसीम, शैलेश प्रताप सिंह, सुब्रत केडिया, रविंद्र राव, अविनाश सिंह, विजय मद्धेशिया समेत 35 ने रक्तदान किया।
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रक्तदान न कर पाने का रह गया मलाल
दस से अधिक लोग ऐसे रहे जिन्हें बीमारी एवं अन्य कारणों से रक्तदान नहीं करने दिया गया। इन्हें इसका मलाल रहा। मानवाधिकार संगठन के इंद्रधर मणि की नस नहीं मिल रहीं थीं ऐसे में उन्हें रक्तदान करने से मना कर दिया गया, लेकिन वह रक्तदान की जिद पर अड़ गए। बोले, 20 से अधिक बार रक्तदान किया है। कारगिल दिवस पर रक्तदान जरूर करूंगा। खैर बाद में उन्होंने रक्तदान किया।
इनका रहा सहयोग
रक्तदान में सीएमएस डॉ. छोटेलाल, प्रभारी ब्लड बैंक डॉ. अकील अहमद, तेजभान प्रसाद, रवि प्रताप, भूपेंद्र राव, सुबोधचंद्र आदि का विशेेष सहयोग रहा।
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