जिले के 27 उपकेंद्रों के 60 फीडरों पर बिजली निगम की नजर
देवरिया। बिजली निगम बिजली चोरी को लेकर सख्त रूख अख्तियार कर रहा है। महामारी में एक तरफ बकाया बिलों की वसूली प्रभावित हुई तो दूसरी तरफ बिजली की खपत बढ़ी है। जिले के करीब 27 बिजली उपकेंद्रों के 60 ऐसे फीडर चिह्नित किए गए हैं, जहां से बिजली की खपत अधिक है और बिल की वसूली बहुत कम है। इन क्षेत्रों में टीम गठित कर बिल वसूली के लिए अभियान तेज कर दिया गया है।
जिले के 43 विद्युत उपकेंद्र की मदद से 35 लाख से अधिक आबादी को बिजली निगम दे रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग बिजली बिल जमा करने में रुचि नहीं दिखे रहे हैं। जबकि वहां पर बिजली की खपत अधिक है। लॉकडाउन की वजह से बिजली निगम का करीब 55 करोड़ रुपये की बिजली बिल की वसूली प्रभावित हुई है। अब निगम बकाया वसूली पर जोर दे रहा है। हर उपकेंद्रों की बिजली की खपत और वसूली की समीक्षा की जा रही है।
निगम ने 27 विद्युत उपकेंद्रों के 60 फीडरों को चिह्नित किया है। इन फीडरों से बिजली की खपत अधिक है और बिल की वसूली 30 फीसदी से भी कम है। बिल वसूली में सर्वाधिक खराब हालत सलेमपुर डिवीजन के खेमादेई विद्युत उपकेंद्र का है। इस उपकेंद्र से जुड़े गांवों से बिजली बिल की वसूली 20 फीसदी भी नहीं हो रही है। वहीं शहर के नाथनगर उपकेंद्र के फीडर से बिल की वसूली कम हो रही है। एक माह के अंदर बिल बकायदारों का करीब 300 कनेक्शन काटा जा चुका है। कुछ लोग बिजली का बिल जमा कर अपना कनेक्शन जुड़वा भी लिए हैं। बिल वसूली के लिए क्षेत्र में जा रही टीम के सामने महामारी में आर्थिक तंगी का हवाला बकायेदार दे रहे हैं। सबसे खराब हालत बरहज, सलेमपुर और गौरीबाजार डिवीजन के उपकेंद्रों का है।
समय से नहीं आती है बिजली
खेमादेई विद्युत उपकेंद्र से कम बिल वसूली का दावा निगम के अफसर कर रहे हैं। इस उपकेंद्र से उकिना, सुतावर, सटिया, मेहरौना, हाटा, नदौली, चुरिया, कौसड़ आदि गांवों में आपूर्ति होती है। इन गांवों से जुड़े अशोक तिवारी, डब्लू तिवारी, चंदन, उमा, सफायत हुसैन आदि ने बताया कि सुचारु रूप से बिजली की आपूर्ति नहीं होती है। फाल्ट और तार टूटने की समस्या बनी रहती है। लाइनमैन भी खराबी ठीक करने में हीलाहवाली करते हैं। सुतावर गांव के करीब एक माह से आपूर्ति ठप है। बिजली आने और जाने का कोई शेड्यूल ही नहीं है। निगम को सिर्फ बिल चाहिए।
शासन स्तर से बकाया बिल वसूली की समीक्षा हो रही है। जिले में 60 फीडरों को चिह्नित किया गया है। जिससे बिजली की खपत अधिक है और बिल की वसूली कम है। इन फीडरों से जुड़े उपभोक्ताओं से वसूली के लिए टीम गठित कर अभियान चलाया जा रहा है।
- सतगुरु शरण श्रीवास्तव, एसई, बिजली निगम