बरियारपुर। बंगलूरू में गैस रिसाव से हुए दर्दनाक हादसे में झुलसे दूसरे युवक की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। सोमवार को उसका शव गांव पहुंचा, जहां गंडक नदी के कुशहरी घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। इससे पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। वहीं, मृतक का छोटा भाई अभी भी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है।
बताया जा रहा है कि बरियारपुर थाना क्षेत्र के गौर कोठी निवासी अविनाश शर्मा (30) अपने छोटे भाई अभिनय शर्मा और जीजा रामबचन शर्मा (35) निवासी दाउद पिपरा थाना बघौचघाट के साथ बंगलूरू में मारुति सुजुकी कंपनी में कार्यरत थे। तीनों एक ही कमरे में किराये पर रहते थे।
बृहस्पतिवार की सुबह कमरे में सिलिंडर से गैस रिसाव होने के कारण पूरा कमरा गैस से भर गया था। इसी दौरान जैसे ही बिजली का स्विच ऑन किया गया, चिंगारी से आग भड़क उठी और तीनों युवक उसकी चपेट में आ गए। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाकर तीनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक वे गंभीर रूप से झुलस चुके थे।
घटना के बाद तीनों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान शनिवार की रात रामबचन शर्मा की मौत हो गई थी, जिनका अंतिम संस्कार रविवार को कुशहरी घाट पर किया गया। इसके बाद रविवार को ही अविनाश शर्मा ने भी दम तोड़ दिया। उनका शव सोमवार को गांव पहुंचा, जहां अंतिम संस्कार किया गया।
हादसे में घायल अभिनय शर्मा का बंगलूरू में इलाज जारी है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। एक ही परिवार के दो लोगों की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
अविनाश शर्मा तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके निधन से घर में मातम पसरा हुआ है। माता शीला देवी, पत्नी रिंकी देवी और पुत्री श्रेया शर्मा का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं पूरे गांव में इस दर्दनाक घटना को लेकर शोक व्याप्त है।