नेबुआ नौरंगिया/पकड़ियार बाजार। नेबुआ नौरंगिया ब्लाक के बीडीओ को कमरे में बंद कर उनके दोनों वाहनों को जलाने की वारदात की जांच तेज हो गई है। शनिवार को पुलिस गांव और ब्लॉक पर पहुंची। ब्लॉक प्रमुख के पति शेषनाथ यादव से उनके कार्यालय में घटना से जुड़े कई बिंदुओं पर जानकारी ली। पुलिस का संदेह बीडीओ का भोजन बनाने वाली गांव की रसोइया और चालक पर है। पुलिस ने पांच से अधिक मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगा रखा है। बीडीओ अपने घर प्रयागराज चले गए हैं और होली के बाद लौटेंगे। यह घटना दूसरे दिन भी गांव में चर्चा का विषय रहा।
पुलिस नवासे में रहने वाले मकान मालिक से टशन रखने वाले आस-पास के लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। नेबुआ नौरंगिया ब्लॉक पर तैनात बीडीओ राम खेलावन राम के सरकारी आवास का मरम्मत का कार्य चल रहा है। ब्लॉक से करीब दो किमी दूर रामपुर खुर्द गांव में किराए के मकान में करीब छह माह से रह रहे थे, इनके आवास पर गांव की रहने वाली प्राथमिकी विद्यालय की रसोइया भोजन बनाने जाती थी। 13 फरवरी से वह अपने रिश्तेदार के घर शादी में चली गई। उसके बाद बीडीओ खुद भोजन बनाते थे या बाहर से भोजन करके आते थे।
सूत्रों के अनुसार, बीडीओ के आवास पर जाकर भोजन बनाने से गांव के कुछ लोग खुन्नस रखते थे। कई बार इसका पूर्व में विरोध होने की बात भी सामने आई। बृहस्पतिवार की रात अचानक बीडीओ की सरकारी और निजी कार में पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी गई थी। पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर घटना की असली वजह पता करने में जुटी है। शनिवार को दोपहर में पुलिस नेबुआ नौरंगिया ब्लॉक पर पहुंची। कार्यालय में बैठे ब्लॉक प्रमुख के प्रतिनिधि शेषनाथ यादव से घटना से जुड़ी जानकारी ली और कई बिंदुओं पर पूछताछ की।
इसके बाद पुलिस लौट गई। पुलिस दूसरे दिन भी घटनास्थल पर गई थी और आस-पास के लोगों से जानकारी लेने का प्रयास किया। पुलिस की अभी तक की जांच में प्रथम दृष्टया यह आपसी खुन्नस से सुनियोजित तरीके से वाहनों में आग लगाने की बात सामने आ रही है। सूत्रों का कहना है कि जिस मकान में किराए पर बीडीओ रहते है, वे मकान मालिक नवासे पर गांव में रहते हैं और घर पर कोई नहीं रहता है। मकान में ताला बंद रहता था। गांव में कुछ लोगों से इनका मनमुटाव भी था, उस बिंदु पर भी पुलिस जांच कर रही है।
गांव के रामजीत कुशवाहा ने बताया कि बीडीओ का व्यवहार मिलनसार है। किसी से उनकी रंजिश की जानकारी नहीं है। वह कार्यालय से सीधे आवास पर आते हैं और सामान्य दिनचर्या का पालन करते हैं। आवास के बगल में रहने वाले श्याम बदन ने बताया कि बीडीओ सुबह पूजा-पाठ के बाद सीधे ब्लाक कार्यालय चले जाते हैं। उनके यहां बाहरी लोगों की आवाजाही भी बहुत कम रहती है। चालक उन्हें आवास पर छोड़कर अपने घर चला जाता है। पूर्व में तैनाती वाले चार जनपदों और उनके गांव से भी जानकारी पुलिस जुटा रही हैं। थानाध्यक्ष चंद्रभूषण प्रजापति ने बताया कि कुछ अज्ञात मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लगाया गया है। ब्लाॅक प्रमुख प्रतिनिधि से भी जानकारी ली गई है। रसोई के बारे में भी पता लगाया जा रहा है। हर पहलू को ध्यान में रख जांच की जा रही है।
-
जन्म-मृत्यु प्रमाण बनवाने पहुंचे लोग लौटे
-नेबुआ नौरंगिया ब्लाॅक में बीडीओ के वाहन फूंकने की घटना के बाद प्रशासनिक माहौल पूरी तरह बदल गया है। घटना के दूसरे दिन शनिवार को ब्लाॅक मुख्यालय पर असामान्य सन्नाटा पसरा रहा। ब्लाक कार्यालय में आम दिनों की तरह फरियादियों की भीड़ नहीं दिखी। बीडीओ का कक्ष खाली पड़ा रहा। घटना के बाद शुक्रवार को ही बीडीओ छुट्टी पर घर चले गए थे। वर्तमान में चार्ज एडीओ पंचायत मोहन सिंह के पास है, लेकिन उनके भी जिला मुख्यालय में बैठक में रहने के कारण जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने आए लोगों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा।
सचिवों से गुलजार रहने वाला ब्लाॅक परिसर शनिवार को सुनसान नजर आया। जो कर्मचारी और सचिव मौजूद थे, वे आपस में घटना की ही चर्चा करते दिखे। उनके चेहरों पर भय और असुरक्षा की भावना साफ झलक रही थी। कर्मचारियों का कहना है कि इस तरह की घटना से कार्यस्थल की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बीडीओ राम खेलावन राम ने दूरभाष पर बताया कि वह सकुशल घर पहुंच गए हैं, लेकिन घटना की दहशत अभी भी मन से नहीं निकल रही है। उन्होंने कहा कि अब तक चार जनपदों में सेवा दे चुके हैं, लेकिन इस तरह की घटना पहली बार हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो गांव में और न ही तैनाती स्थल पर उनका किसी से कोई विवाद रहा है।
उन्होंने बताया कि घटना के बाद वह इतने आहत और भयभीत थे कि नौकरी से त्यागपत्र देने तक का मन बना लिया था। हालांकि उच्चाधिकारियों से बातचीत के बाद उन्होंने अपना निर्णय बदल दिया। उन्होंने कहा कि अभी चार वर्ष का कार्यकाल शेष है, लेकिन नौकरी से अधिक महत्वपूर्ण सुरक्षा है। “यदि हमारे साथ कोई अनहोनी हो जाती तो परिवार का क्या होता,” यह चिंता लगातार बनी हुई है।
बीडीओ के अनुसार कर्मचारी संगठन उनके साथ खड़ा है। जनपद के अधिकारी भी मामले की निगरानी कर रहे हैं और हर संभव सहायता व सुरक्षा का आश्वासन दिया है।
घटना के बाद ब्लाक कर्मियों में दहशत का माहौल है और सभी की नजर अब पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।