बाहर निकलने के लिए अपनी नावों का सहारा लेना शुरू कर दिया।
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बरहज। घाघरा नदी के बाढ़ के पानी से तहसील क्षेत्र का भदिला प्रथम गांव सोमवार की सुबह घिर गया। जिसके चलते गांव को पहुंचने वाले सभी रास्ते बंद हो गए। पानी से घिरने के बाद गांव के लोगों बाहर निकलने के लिए अपनी नावों का सहारा लेना शुरू कर दिया।
प्रशासन की ओर से अभी तक गांव में नाव की व्यवस्था नहीं हो पाई है। गांव के प्रधान शेषनाथ यादव ने बताया कि प्रशासन से नाव की मांग की गई थी, लेकिन अभी तक कोई व्यवस्था नहीं हो पाई है। वकील, बलवंत यादव, रामसरीक, भभूती साहनी, भरत आदि ने कहा कि गांव बाढ़ से घिर जाने के चलते बच्चों, महिलाओं एवं मरीजों को बाहर निकलने में दिक्कत होगी।
सोमवार को घाघरा खतरे के निशान 66.50 मीटर के पास पहुंच गई। इसके साथ बाढ़ का खतरा गंभीर हो गया। बाढ़ का पानी घाघरा के उस पार परसिया देवार व विशुनपुर देवार के टोलों पर फैलने लगा है। जिसके चलते लोग दहशत में आ गए। बढ़ रहे पानी के चलते कुरह परसिया एवं कटईलवां गांव के समीप कटान पहले से अधिक तेज हो गई।
सबसे अधिक नुकसान कपरवार संगम तट से लेकर कुरह परसिया गांव के बीच खेतों के कटने से हो रहा है। बाढ़ का पानी विशुनपुर देवार के एक बंधे पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। प्रशासन ने बाढ़ को देखते हुए लोगों को सलाह दिया है कि नदी के तटों के करीब ना जाएं। बाढ़ का पानी नगर के बरहना घाट से लेकर थाने के समीप सभी घाटों पर दबाव बनाए हुए है। एसडीएम राकेश कुमार सिंह का कहना है बाढ़ से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।