संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। स्पोर्ट्स स्टेडियम स्थित बास्केटबॉल कोर्ट को मरम्मत के बाद नया रंग रूप दिया गया है उम्मीद थी कि नए सत्र में बास्केटबॉल कोर्ट को प्रशिक्षक मिलेंगे तो यहां भी इस खेल में खिलाड़ियों की नर्सरी तैयार होगी। मगर, नए सत्र में भी खेल निदेशालय ने यहां पर प्रशिक्षक नहीं दिया। ऐसे में निदेशालय और खेल विभाग की मंशा पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।
रवींद्र किशोर शाही स्पोर्ट्स स्टेडियम में करीब 50 लाख की लागत से वर्ष 2012 में बास्केटबाॅल कोर्ट का निर्माण कराया गया। दक्षिण कोरिया से आए इंजीनियर ने इस कोर्ट को तैयार किया था। कोर्ट होने के बावजूद प्रशिक्षक की तैनाती किसी भी सत्र में नहीं किए जाने से इसकी उपयोगिता पर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में यह कोर्ट खिलाड़ियों के लिए बेमतलब का साबित हो रहा है।
दो साल पहले इसके सिंथेटिक की गिट्टियां जगह-जगह से उखड़ गई थीं। ऐसे में स्टेडियम में मरम्मत और नवनिर्माण के लिए शासन की ओर से तीन साल पूर्व छह करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई थी। इसी धन में बास्केटबॉल कोर्ट की मरम्मत का भी प्रस्ताव था। पिछले सत्र में इस कोर्ट की मरम्मत कर इसे दुरुस्त किया गया, हालांकि गोरखपुर से आई कमेटी ने इसके मरम्मत में खामियां बताकर नो आब्जेक्शन सर्टिफिकेट देने से मना कर दिया।