बरहज। तहसील सभागार में बुधवार को बार-बेंच की बैठक हुई। इसमें अधिवक्ताओं ने अधिवक्ता बिजेंद्र सिंह के मौत प्रकरण पर अपना-अपना पक्ष रखा। अधिवक्ताओं ने बृहस्पतिवार को कार्यकारिणी की बैठक में आंदोलन पर निर्णय लेने की बात कही।
तहसील बार संघ के अध्यक्ष चंद्रगुप्त यादव और महामंत्री अमरेश यादव के नेतृत्व में बार-बेंच की बैठक बुलाई गई थी।
आंदोलन और उसके समाप्ति के लिए अधिकारियों ने अधिवक्ताओं का पक्ष जाना। अधिवक्ताओं ने कहा कि साथी बिजेद्र सिंह को न्यास दिलाकर ही दम लेंगे।
अधिवक्ताओं का कहना था कि चकनाली पर सड़क निर्माण कार्य कराया जाना असंवैधानिक है। इसका विरोध कर रहे साथी अधिवक्ता बिजेंद्र सिंह की मौत सोचनीय है।
अधिवक्ताओं ने तत्कालीन एसडीएम विपिन कुमार द्विवेदी के निलंबन के बाद अन्य पर कार्रवाई, आरोपियों की गिरफ्तारी सहित अन्य मांगों को दोहराया। बार संघ के अध्यक्ष चंद्रगुप्त यादव ने आंदोलन के स्थगन पर 30 अप्रैल को कार्यकारिणी की बैठक के बाद निर्णय लेने को कहा।
इस मौके पर एसडीएम हरिशंकर लाल, तहसीलदार अरुण कुमार, पूर्व तहसाील बार संघ के अध्यक्ष नागेंद्र सिंह, रामलाल, श्रवण सिंह, उदयराज चौरसिया, चंद्रभान चौरसिया, अम्बिकेश सिंह, अमित कुमार तिवारी माैजूद रहे।