सेंट्रल बैंक के मैनेजर पर महिलाओं ने गुस्सा उतारा।
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देवरिया। बैंकों में कैश क्राइसिस से लोगों का सब्र टूटने लगा है। भीषण ठंड में घंटों लाइन में जूझने के बाद भी रकम नहीं मिलने से केंद्र सरकार के फैसले पर अब लोग सवाल उठाने लगे हैं। देसही देवरिया क्षेत्र में सात बैंक शाखाएं हैं। गुरुवार को पांच शाखाओं पर ताला लटके थे। पड़ौली बाजार के सेंट्रल बैंक के मैनेजर पर महिलाओं ने गुस्सा उतारा। उन्हें भीड़ में खींच लिया और धक्का-मुक्की की।
पुलिस ने किसी तरह उन्हें बचाया। पड़ौली बाजार के सेंट्रल बैंक में रात 11 बजे से ईंट-पत्थर पर नाम लिखकर ग्राहकों ने लाइन लगा दी थी। 11 बजे कर्मचारी पहुंचे। 12 बजे गेट पर नोटिस चस्पा किया गया कि सर्वर फेल है। तीन दिन ठीक करने में लगेंगे। नोटिस पढ़कर ग्राहकों का गुस्सा फूट पड़ा। हेतिमपुर-देवरिया मार्ग को जाम कर दिया। जाम करीब डेढ़ घंटे तक चला।
इसी बीच बैंक प्रबंधक की कुछ ग्राहकों से कहासुनी हो गई। सैकड़ों की संख्या में मौजूद महिलाओं ने प्रबंधक को खींच लिया। इस बात की सूचना किसी ने पुलिस को दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह भीड़ से प्रबंधक को बचाया। इसके बाद कर्मचारियों और प्रबंधक को बैंक के अंदर कर गेट पर ताला लगा दिया ताकि भीड़ न पहुंच पाए। प्रदर्शनकारियों ने बैंक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
रामपुर दुन्नहा के गुड्डूू शर्मा ने बताया कि वह तीन दिनों से बैंक के बाहर ही सो रहा है। उसके पिता का मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन हुआ है। रुपये नहीं होने से इलाज नहीं हो पा रहा है।