देवरिया। सहायता प्राप्त अशासकीय जूनियर स्कूल में तैनात रहे शिक्षक कृष्णमोहन सिंह के आत्महत्या मामले में डीएम को निर्देश पर बीएसए ने पटल सहायक को निलंबित कर दिया। इस मामले में जिलाधिकारी ने सीडीओ के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है। इस कार्रवाई के बाद बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
गौरीबाजार क्षेत्र के कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय मदरसन में तैनात रहे कृष्णमोहन सिंह ने अपने साथ दो अन्य शिक्षकों से प्रति शिक्षक 16 लाख रुपये बीएसए कार्यालय के पटल सहायक संजीव सिंह पर लेने का आरोप लगाया था। उन्होंने अपने सुसाइड नोट में कर्ज लेकर पटल सहायक को रुपये देने की बात कही थी। सुसाइड नोट के अनुसार वह शुक्रवार को बीएसए कार्यालय पहुंचे थे। वहां से निराशा हाथ लगी थी। इसके बाद शनिवार को उन्होंने चार पेज का सुसाइड नोट लिखकर आत्महत्या कर ली थी। इस प्रकरण की जानकारी होने के बाद रविवार को जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने इसे गंभीरता से लेते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति की गठित कर दिया है। इसमें मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह को अध्यक्ष बनाया गया है। समिति के सदस्य के रूप में उप जिलाधिकारी सदर श्रुति शर्मा और जिला विद्यालय निरीक्षक शिवनारायण सिंह को सदस्य बनाया गया है।
लिपिक ने आरोप को गलत बताया
- निलंबित पटल सहायक संजीव सिंह ने आरोपों को गलत बताया है। पटल सहायक ने कहा कि कृष्णमोहन सिंह का प्रकरण न्यायालय में है। कोर्ट के आदेश पर एक बार उनके प्रकरण को सुनकर बीएसए ने निस्तारित कर दिया था। दोबारा वह कोर्ट से आर्डर ले आए थे। इस पर अभी सुनवाई की जानी थी।
- कृष्णमोहन सिंह की आत्महत्या के मामले में आरोपी पटल सहायक को निलंबित कर दिया गया है। इस प्रकरण की जांच के लिए जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। इसमें उनके साथ एसडीएम सदर और जिला विद्यालय निरीक्षक को सदस्य बनाया गया है।
- राजेश कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी