देवरिया। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा-2018 देने पहुंचे परीक्षार्थियों की आंखों में बेहतर भविष्य के सपने की चमक नजर आ रही थी। यह परीक्षा रविवार को शहर के उमानगर स्थित पीएन एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में हुई। इसके लिए 661 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था। परीक्षा के दिन 466 ने हिस्सा लिया, जबकि 195 ने परीक्षा छोड़ दी। इसमें हाईस्कूल के 241 विद्यार्थी शामिल हुए, 81 गैरहाजिर रहे। वहीं इंटर में 225 परीक्षार्थी सम्मिलित हुए, 114 परीक्षा देने नहीं पहुंचे।
परीक्षा केंद्रों में अभिभावकों के साथ आए छात्र-छात्राएं बेहद उत्साहित दिखे। कई दिन पूर्व से इस परीक्षा को लेकर जिले के छात्र-छात्राओं में चर्चा हो रही थी। रविवार को पीएन एकेडमी में सुबह 11 बजे से व्यवस्थित ढंग से पुलिस सुरक्षा के बीच परीक्षा की शुरुआत हुई। आधे घंटे पहले ही निर्धारित कमरों में प्रवेश करने की इजाजत विद्यार्थियों को दी गई थी। परीक्षा में हिंदी, अंग्रेजी, गणित, सामान्य ज्ञान के 100 सवालों के जवाब परीक्षार्थियों को डेढ़ घंटे में देने थे। ऊर्जा और उत्साह से लबरेज विद्यार्थियों ने पूरी तल्लीनता के साथ सवालों को हल किया। गणित और रिजनिंग में वे उलझे रहे। दोपहर साढ़े 12 बजे के बाद परीक्षा कक्ष से बाहर निकले विद्यार्थियों के चेहरे के भाव परीक्षा को लेकर उनकी आत्मसंतुष्टि को जाहिर कर रहे थे।
विद्यार्थियों को मिलेगी मनोवैज्ञानिक मदद
छात्रवृत्ति योजना की कॉलेज के निदेशक मंडल एवं शिक्षकों ने खूब तारीफ की। निदेशक सुधीर सिंह ने कहा कि इस परीक्षा में बैठने वाले परीक्षार्थियों को आगे की परीक्षाओं में शामिल होने के लिए मनोवैज्ञानिक मदद मिलेगी।
इनका रहा सहयोग
परीक्षा सकुशल संपन्न कराने में जितेंद्र सिंह, विनोद सिंह, राजकुमार सिंह, विनीत मिश्र, संदीप चतुर्वेदी, अंकित सिंह के अलावा प्रतिभा सिंह, अनीता मणि, इसरार अहमद, अमृता तिवारी, पूनम उपाध्याय, ममता सिंह, अदिती राव, रिया श्रीवास्तव, रविंद्र दुबे, अनिता मल्ल, यज्ञ प्रकाश, अनुराधा गुप्ता, प्रदीप विश्वकर्मा, पूजा सिंह, आयुषी मिश्रा, नीतू सिंह, किरन सिंह, कामिनी मिश्रा, शिखा सिंह, अर्चना सिंह, आराधना पांडेय, शशि मणि, रजनीश तिवारी, इच्छा सिंह, विपुल तिवारी, अमित मौर्या, भव्या तिवारी, रीता तिवारी, सुषमा मिश्रा, रौनक श्रीवास्तव, विक्रम यादव आदि ने सक्रिय सहयोग किया।
क्या बोले परीक्षार्थी
पहली बार ऐसी परीक्षा दी
पेपर बहुत अच्छा आया था। पहली बार इस तरह की परीक्षा में शामिल हुई। गणित को छोड़कर अन्य विषयों के सारे प्रश्न आसान आए थे। -अंकिता।
छात्रवृत्ति मिलने की उम्मीद
हाईस्कूूल के पाठ्यक्रम से ही सवाल थे। अन्य विषयों के सवाल तो आसान थे, लेकिन गणित ने थोड़ा परेशान किया। फिर भी पेपर अच्छा हुआ। छात्रवृत्ति मिलने के प्रति आशान्वित हूं।-पिंकी प्रजापति।
परीक्षा से अनुभव बढ़ा
गणित के सवालों ने खूब परेशान किया। इसे हल करने में समय भी अधिक लगा। ऐसी परीक्षाओं में शामिल होने का अनुभव मिला है।
-सानिया अंसारी।
मेहनत करने का सबक मिला
100 सवालों में कुल 93 सवालों के जवाब दिए हैं। सात आ नहीं रहे थे, इसलिए छोड़ दिए। सभी विषयों के सवाल आसान रहे। परीक्षा ने मेहनत करने का सबक सिखाया।
-सार्थक यादव।
परीक्षा आगे भी होती रहे
सामान्य ज्ञान के सवाल कठिन रहे। गणित एवं अंग्रेजी के सवाल हल करने में आसान लगे। ऐसी परीक्षा आगे भी होती रहनी चाहिए।
-अजहरुद्दीन अली।
परीक्षा से जानकारी मिली
हिंदी, गणित एवं अंग्रेजी के सवाल हाईस्कूल स्तर के थे। इन्हें हल करने में ज्यादा समय नहीं लगा। सामान्य ज्ञान के कई सवाल कठिन आए थे। परीक्षा से काफी जानकारी मिली। -अभिषेक त्रिपाठी।