दानोपुर गांव में भरा बारिश का पानी, घरों में कैद हुए लोग
शहर से सटा है गांव, पिछले वर्ष चलवानी पड़ी थी नाव, डीएम से लोगों ने की शिकायत
लोगों को काट रहे मच्छर, पानी से उठ रहा दुर्गंध, बीमारी होने का लोगों में आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर से सटे दानोपुर गांव में बारिश का पानी भर गया है। 50 से अधिक मकान पानी में घिर गए हैं। इसकी वजह से लोगों को घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। जलनिकासी के लिए जिम्मेदारों की ओर से कोई इंतजाम नहीं किया जा रहा है। गांव के लोगों ने डीएम को मांग पत्र देकर जल निकासी के लिए मांग की है।
जिला कारागार के पीछे दानोपुर गांव में अनेक लोग जमीन खरीदकर मकान का निर्माण कराए हैं। जल निकासी का इंतजाम नहीं होने के कारण लोगों के घरों में बारिश का पानी घुस गया है। सड़कें भी पानी में डूब गई हैं। लोगों की जिंदगी घरों में कैद हो गई हैं। इनके आने-जाने के लिए अभी तक नाव का भी इंतजाम नहीं किया गया है। पिछले वर्ष इस गांव में प्रशासन को नाव चलानी पड़ी थी। लोगों का आरोप है कि कई लोग जलनिकासी वाले मार्ग को अवरुद्ध कर दिए हैं। इसकी वजह से पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। गांव के सत्यप्रकाश सिंह, संजय प्रजापति आदि का आरोप है कि जलभराव के कारण घरों में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। पानी से दुर्गंध उठ रही है। एक अगस्त को इसकी शिकायत एसडीएम से की गई थी, लेकिन कोई इंतजाम नहीं किया गया। जेल के बगल से जाने वाली सड़क गड्डे में तब्दील हो गई है और पानी भर गया है। केडी अस्पताल से गांव में जाने वाला खड़ंजा भी पानी से डूब गया है। पंपिंगसेट के जरिए जलभराव से निजात दिलाने की मांग लोगों ने की है।
इस संबंध में प्रधान आलोक कुमार शाही ने कहा कि गांव में जल निकासी की समस्या नासूर बन गई है। पंपिंगसेट के माध्यम से ही पानी निकाला जा सकता है। लेखपाल और कानूनगो आए थे। स्थिति देखकर गए हैं। उधर, एसडीएम सदर दिनेश मिश्र का कहना है कि सोमवार से जलनिकासी के लिए कोई इंतजाम किया जाएगा। मामला संज्ञान में है। बीडीओ को जलनिकासी के लिए निर्देश दिए गए हैं। लोगों का आरोप है कि जलनिकासी का मार्ग लोग बंद किए हैं। इसे खुलवाया जाएगा।
बांध बचाने को काट रहे वृक्ष
बंधों के किनारे लगे सैकड़ों पेड़ धराशाही
अमर उजाला ब्यूरो
रुद्रपुर/एकौना। एक दिन में करोड़ों पौध लगाकर रिकॉर्ड बनाने वाली यूपी सरकार के पौधरोपण अभियान पर रुद्रपुर में सिंचाई विभाग पानी फेर रहा है। यहां बांध बचाने को सिंचाई विभाग हरियाली मिटा रहा है। बांध पर लगे बड़े बड़े पेड़ों को काट कर कटान रोकने की नाकाम कोशिश की जा रही है।
क्षेत्र के पचलड़ी-पिड़रा बांध पर वन विभाग की ओर से करीब छह किलोमीटर में पौधरोपण किया गया है। यहां बांध के दोनों ओर बड़े और छायादार पेड़ लगे हैं। बांध पर कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग पेड़ की डाल कौन कहे पूरा वृक्ष काट कर डाल दे रहा है। हालांकि, कटान रोकने को पेड़ काट कर डालने के बाद भी कही कटान नहीं रुक रही। बांध पर सैकड़ों पेड़ कट गए हैं। छायादार वृक्षों के कटने से न केवल बांध असुरक्षित हो रहे बल्कि पर्यावरण को भी गहरा आघात लग रहा। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के पचलड़ी पलिया बांध, पिड़रा-भुसवल बांध और पिड़रा-करनपुर बांध पर सिंचाई विभाग की मिलीभगत से ठेकेदार बंधों पर लंबे वृक्षों को काटकर पानी में डाल दिए। ग्रामीणों के अनुसार वन विभाग की ओर से पौधरोपण अभियान के तहत बंधों पर हर वर्ष हजारों पौधे लगाए जा रहे हैं। बड़े पेड़ कटने के साथ ही दो साल पहले लगे पौधों को भी काट दिया गया। इस बाबत वन क्षेत्राधिकारी अनुज कुमार त्रिपाठी ने कहा कि बंधों पर पेड़ काटने की शिकायत मिली है। वन दारोगा को जांच के निर्देश दिए गए हैं। पेड़ काटने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।