डीएम ने फर्जी स्टांप पत्रों की जांच और सत्यापन के संबंध में हुई समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
स्टांप पेपर फर्जी पाए जाने अथवा फर्जी होने का संदेह उत्पन्न होने पर होगी कार्रवाई : डीएम
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिलाधिकारी अखण्ड प्रताप सिंह की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में फर्जी स्टांप पत्रों की जांच और सत्यापन के संबंध में समीक्षा बैठक हुई। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद गोरखपुर में पुलिस टीम द्वारा की गई कार्रवाई में स्टांप छपाई की मशीन के साथ-साथ फर्जी न्यायिक एवं गैर न्यायिक स्टांप पकड़े जाने से सतर्कता जरूरी है।
इस दौरान उन्हाेंने निर्देश दिए कि जनपद में गत तीन वर्षों में जनपद में अवस्थित उप निबन्धक कार्यालयों तथा इससे भिन्न कार्यालयों जहां पर स्टांप पेपर प्रयुक्त हुए हैं, उनकी जांच की जाए। इसके साथ स्टांप रिफण्ड के आवेदन पत्रों के साथ प्राप्त स्टांप पेपरों की जांच के साथ ही फर्जी न्यायिक एवं गैर न्यायिक स्टांप पेपरों की जांच और सत्यापन की कार्रवाई सम्पादित कर ली जाए। यदि जांच के स्तर पर कोई स्टांप पेपर फर्जी पाया जाता है अथवा फर्जी होने का संदेह उत्पन्न होता है तो उसके
संबंध में तत्काल विधिक कार्रवाई प्रवर्तन में लाई जाए।
फर्जी स्टांप पेपरों का न हो पाए प्रयोग
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद में स्थित सार्वजनिक कार्यालय के प्रत्येक अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी दशा में उनके कार्यालय में फर्जी स्टांप पेपरों का प्रयोग न होने पाए। गत तीन वर्षों में प्रयुक्त न्यायिक एवं गैर न्यायिक स्टांप पत्रों को सहायक आयुक्त स्टांप, देवरिया द्वारा उपलब्ध कराए गए चार्ट के अंकनानुरूप मुख्य और वरिष्ठ कोषाधिकारी को पत्र प्रेषित करके सत्यापन सुनिश्चित कर ली जाए। जहां पर यह पाया जाए कि निर्गमित स्टांप पेपर कोषागार से निर्गत नहीं हुआ है अथवा उसकी सत्यता और प्रामाणिकता संदिग्ध है, वहां पर ऐसा लोक आफिसर और सार्वजनिक कार्यालय का प्रभारी अधिकारी सहायक आयुक्त स्टांप से सम्पर्क व समन्वय स्थापित करके नियम संगत कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
सभी जनपद स्तरीय अधिकारी विगत तीन वर्षों में जो भी स्टांप पेपर उनके यहां प्रयुक्त हुए हैं, उनकी जांच और सत्यापन अपने स्तर से कराते हुए, प्रमाणक एक पक्ष में सहायक आयुक्त स्टांप, देवरिया को प्रस्तुत करें, कि उनके यहां अब कोई स्टांप सत्यापन के लिए अवशेष नहीं है। जहां पर अन्यथा स्थिति पाई जाए, तत्काल विधिक कार्रवाई संबंधित द्वारा प्रवर्तन में लाई जाए।