संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। बारिश के मौसम में अस्थमा और एलर्जी के मरीजों को सतर्क रहने की जरूरत है। नमी व प्रदूषण तथा हवा अंदर जाने से सांस की नली के सिकुड़ने से अस्थमा के मरीजों की परेशानी बढ़ जा रही है, जबकि एलर्जी से लोग पीड़ित हो रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में दोगुने से अधिक सांस के मरीज आ रहे हैं।
ओपीडी में मंगलवार को करीब 60 अस्थमा, 20 एलर्जी से पीड़ित मरीज रहे। इसमें दस से बारह एलर्जी के नए मरीज थे। डॉक्टर ने दवा के साथ सावधानी बरतने की सलाह दी।
मेडिकल काॅलेज के चेस्ट व टीबी विभाग विभागाध्यक्ष डॉ. अनुराग शुक्ला ने बताया कि बारिश का असर सेहत पर भी पड़ रहा है।
इस मौसम में नमी, ठंडक और वायु प्रदूषण के कारण सांस से संबंधित बीमारियां बढ़ रही हैं। ठंडी हवा सांस की नली में जाना ट्रिगर फैक्टर होता है। नली के सिकुड़ने से सांस, अस्थमा के पीड़ितों की परेशानी बढ़ रही है, जबकि थोड़ी सी लापरवाही एलर्जी से पीड़ितों को भी भारी पड़ रही है।
नाक से पानी, आंख में खुजली, छींक आदि परेशानी होती है। इन दिनों बारिश होने से लोगों की दिक्कत बढ़ रही है। इस तरह के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। वायरस और बैक्टीरिया के संक्रमण से निमोनिया की संभावना रहती है।
उधर, मेडिकल कॉलेज के चेस्ट व टीबी विभाग की ओपीडी में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। सांस फूलने से पीड़ित लोगों को लेकर तीमारदार पहुंच रहे हैं, जबकि छींक, आंख से पानी आने के साथ सीने व कान में दर्द की शिकायत लेकर भी लोग पहुंच रहे हैं।