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चार अंतरराज्यीय लुटेरे गिरफ्तार

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चार अंतरराज्यीय लुटेरे गिरफ्तार
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गोरखपुर के कैंपियरगंज, कैं ट क्षेत्र में हुई लूट की घटना भी स्वीकार की
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। बरहज पुलिस और एसओजी ने शुक्रवार को बिहार के मोतिहारी जिले के केसरिया के चांदपार निवासी चार अंतरराज्यीय लुटेरों को बरेजी पुलिया के पास से गिरफ्तार किया। इन्होंने बरहज, भाटपाररानी के साथ ही गोरखपुर के कैंपियरगंज, कैंट थाना क्षेत्र में हुई लूट की घटनाएं स्वीकार की हैं।
एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र के मुताबिक 30 दिसंबर को बरहज के पटेल नगर और भाटपाररानी में भी एक महिला से लूट हुई थी। इसकी जांच के बरहज इंस्पेक्टर गिरिजेश तिवारी और एसओजी टीम को लगाया गया था। वारदात स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों से बदमाशों की पहचान हुई। इन्हीं बदमाशों ने गोरखपुर के कैंट व कैंपियरगंज क्षेत्र में भी लूट की वारदात को अंजाम दिया।
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बरहज इंस्पेक्टर गिरिजेश तिवारी, एसओजी टीम के प्रभारी अनिल यादव ने शुक्रवार को बरहज की बरेजी पुलिया के पास से बाइक और चार पहिया सवार चार लोगों को पकड़ा। पूछताछ में इनकी पहचान रामसिंह, अमरजीत महतो, दीनानाथ कुमार, कृष्ण कुमार महतो निवासी चांदपार, थाना केसरिया, जिला मोतिहारी के रूप में हुई। उनके पास से पुलिस ने 20,050 रुपये और कागज की गड्डी, बाइक व कार बरामद की गई। एसपी ने पुलिस टीम को 10 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
इंटर स्टेट गैंग में होंगे रजिस्टर्ड
एसपी ने बताया कि बैंक के आसपास लूट की घटनाओं को अंजाम देने वाले इस गिरोह को इंटर स्टेट गैंग में रजिस्टर्ड किया जाएगा। इनके अन्य साथियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। पकड़े गए लुटेरों ने गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर के साथ बिहार के मुजफ्फरपुर, मधुबनी समेत कई जिलों में लूट की घटनाओं को अंजाम दिया है।
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जमा-निकासी पर्ची लेकर घुसते थे बैंक में
दो साल से कर रहे हैं लूट, चांदपार के 100 से अधिक लोग करते हैं लूट
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। पुलिस के हाथ लगे अंतर्राज्यीय लुटेरे योजनाबद्ध तरीके से लूट की घटनाओं को अंजाम देते थे।
बिहार के कटिहार के खोड़ा गैंग की तर्ज पर ही मोतिहारी के केसरिया थानाक्षेत्र के चांदपार के बदमाश भी लूट की घटनाओं को अंजाम देते हैं। रामसिंह ने बताया कि जमा/निकासी पर्ची लेकर बैंक में जाते थे। जिससे कि सुरक्षा गार्डों को शक न हो। उसने बताया कि मैं जाकर पर्ची भरता था। उस दौरान साथ के लोग एक-एक कर आते हैं। रुमाल में कागज के नोट की गड्डी रखते थे। खाता न होने और अन्य बहाना बनाकर बात करते। इसी दौरान कोई न कोई फंस जाता है। बैंक से बाहर उससे रुपये लूटकर भाग जाते हैं। लोन पर कार खरीदी है। पहले चंडीगढ़ में टाइल्स का काम करते थे। दो साल से इस कार्य में लगे हुए हैं। उसने गांव के कई लोगों का नाम बताया है। उसने बताया कि 100 से अधिक लोग इस कार्य में लिप्त हैं।
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