91- भारी बारिश से धंसा नरायनपुर पुल का एप्रोच
- फोटो : DEORIA
नरायनपुर पुुल का एप्रोच धंसा
भारी बारिश से गोर्रा और राप्ती नदी के बांधों पर कटान का खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
रुद्रपुर। क्षेत्र में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। सोमवार को हुई भारी बारिश से बाढ़ प्रभावित इलाके के बांधों पर बड़े रेन कट्स होने से बांध टूटने का खतरा बढ़ता जा रहा है। रुद्रपुर-नारायनपुर मार्ग पर बारिश से पुल का एप्रोच धंस रहा है। यहां एप्रोच टूटा तो दोआबा के गांवों का तहसील और जिले से संपर्क टूट जाएगा।
तीन दिनों से हो रही भारी बारिश ने तटबंधों की मरम्मत का कार्य रोक दिया है। क्षेत्र के राप्ती और गार्रा नदी पर बने कई तटबंधों पर मरम्मत कार्य चल रहा था। बारिश से न केवल कार्य प्रभावित हो रहा है बल्कि कटान रोकने को लगे बंबूक्रेट भी पानी में बह गए। सिलहटा के पास गोर्रा नदी की कटान से लोग दहशत में हैं। यहां नदी गांव की ओर तेजी से बढ़ रही है। जर्जर बांध पर साही के मांद, रैटहोल और बढ़ते जा रहे हैं। कई जगह पिच सड़क कट जाने से बांध पर खतरा बढ़ रहा है। पिड़रा-करनपुर और ईश्वरपुरा-पचलड़ी बांध पर दबाव बन रहा है। यहां नदी का जलस्तर बढ़ने से कटान तेज हो रही है। ईश्वरपुर, भगवान माझा, नरायनपुर, डढ़िया छपरा और नगवा छपरा बांध पर दबाव तेज होने से दोआबा और कछार में बाढ़ की आशंका लेकर लोग चिंतित हैं। सोमवार को नरायनपुर पक्के पुल का एप्रोच धंसने लगा। सपा नेता हरेंद्र सिंह त्यागी, अनिल सिंह आदि ने कहा कि नरायनपुर पुल का एप्रोच धंसा तो रुद्रपुर की आधी आबादी अपने घरों में कैद हो जाएगी। यहां एप्रोच धंसने से पुल को खतरा है। उन्होंने सिंचाई विभाग से तत्काल एप्रोच बचाने की मांग की। इस बाबत सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता दीनदयाल दूबे ने कहा कि एप्रोच को ठीक कराया जा रहा है।
फोटो समाचार
खतरे के निशान 66.50 के करीब पहुंची सरयू
बरहज। करीब एक पखवारे से सरयू नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव नोट किया गया है। नदी में आए दोबारा उफान से जलस्तर खतरे के निशान 66.50 के काफी करीब पहुंच गया है। नदी 66 से नीचे 65.70 मीटर पर बह रही थी। जलस्तर में हुए इजाफा से तटवर्ती गांवों के लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। थाना घाट से करीब एक किलोमीटर दक्षिण बह रही नदी सीढ़ियों तक पहुंच गई है। शुक्रवार को जलस्तर में नरमी आने से कटान तेज हो गई थी। लेकिन शनिवार को अचानक नदी ने बढ़त बनाना शुुरू कर दिया है। सोमवार को जलस्तर में 35 सेमी का इजाफा हुआ है। घाट पर बने मीटर गेज पर नदी खतरे के निशान से नीचे 66.25 मीटर पर बह रही है। जबकि कपरवार संगम तट से कटइलवा गांव तक कटान जारी है। इस संबंध में सहायक अभियंता अशोक द्विवेदी ने बताया कि नदी खतरे के निशान के करीब बह रही है। बचाव के लिए पुख्ता इंतजाम कराए जा रहे हैं।