सिद्धार्थनगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को यूपी सरकार के मंत्री परिषद की बैठक में बर्डपुर-पिपरहवा मार्ग के फोरलेन बनाने की स्वीकृति मिल गई है।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी। वित्तीय वर्ष 2025-26 में नार्थ-साउथ कॉरिडोर के विकास हेतु जनपद सिद्धार्थनगर में बर्डपुर पिपरहवा अन्य जिला मार्ग के फोरलेन निर्माण की मंजूरी मिली है। इसके तहत 9.4 किमी लंबे इस मार्ग के चौड़ीकरण पर 270 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। चौड़ीकरण के लिए सड़क किनारे के 14 गांवों में 10 हेक्टेयर से अधिक भूमि अधिग्रहीत की जाएगी। मार्ग के चौड़ीकरण से पिपरहवा कपिलवस्तु में स्थित बौद्ध स्तूप तक विदेशी पर्यटकों के आवागम सुगम होने से पर्यटन को रफ्तार मिलेगी। वहीं, सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं के आवागमन सुगम हो जाएगा।
बस्ती, बांसी व शहर होते हुए बर्डपुर ककरहवा तक हाईवे का निर्माण होने से आवागमन की सुविधा दुरुस्त हो गई थी।
वहीं, पीडब्ल्यूडी से बने बर्डपुर पिपरहवा मार्ग पर बीते कुछ दिनों से क्षतिग्रस्त होने से जगह-जगह गड्ढे होने राहगीरों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था। वर्तमान में कपिलवस्तु के पिपरहवा बौद्ध स्तूप जाने वालों और सिद्धार्थ विश्वविद्यालय जाने वाले छात्र-छात्राओं को इससे दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है। अब इस मार्ग के दिन बहुरने वाले है।
नार्थ-साउथ कॉरिडोर के तहत विधायक श्यामधनी राही के प्रस्ताव पर पीडब्लूडी ने बर्डपुर पिपरहवा मार्ग चौड़ीकरण के लिए पीडब्ल्यूडी की ओर से सड़क किनारे सर्वे कर कार्ययोजना बनाकर शासन को भेजा था।
इसके निर्माण पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री परिषद की सोमवार को हुई बैठक में मुहर लग गई है।
अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड कमल किशोर का कहना है कि नार्थ-साउथ कॉरिडोर के तहत बर्डपुर से पिपरहवा तक चौड़ीकरण कर फोरलेन बनाने के लिए सर्वे कर कार्ययोजना शासन को भेजी गई थी, जिसे कैबिनेट में मंजूरी मिल गई है।
बौद्ध स्तूप व विश्वविद्यालय तक आवागमन होगा सुगम : कपिलवस्तु के पिपरहवा में स्थित ऐतिहासिक बौद्ध स्तूपों पर प्रतिदिन स्थानीय एवं विदेशी पर्यटकों का आवागमन होता है। बर्डपुर तक हाईवे के बाद अलीगढ़वा तक फोरलेन का निर्माण होने से प्रतिवर्ष श्रीलंका, जापान, मयनमार, थाईलैंड आदि विदेशों से आने वाले पर्यटकों को आवागमन में बेहतर सुविधा होगी। वहीं, यहां स्थित सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में प्रतिदिन शिक्षा ग्रहण करने आने वाले पांच हजार से अधिक छात्र-छात्राओं के साथ ही सैकड़ों शिक्षक व कर्मचारियों को भी बाहर से आवागमन के दौरान यात्रा सुगम हो सकेगा। सड़क मार्ग से आवागमन सुविधा बेहतर होने के बाद यहां तेजी से पर्यटकीय और अन्य विकास कार्य हो सकेंगे।