शिक्षा, समानता व संपत्ति में महिलाओं का बराबर अधिकार
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं नेहरू युवा केंद्र के अधिकारी ने छात्राओं को किया जागरूक
राजकीय महिला पीजी कॉलेज मेें विधिक संगोष्ठी का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं न्यायाधीश इशरत परवीन फारुखी ने कहा कि समाज में जो अधिकार पुरुषों को है, वही महिलाओं को भी है। शिक्षा, समानता व संपत्ति में उनका भी बराबर का हक है। महिला होने के नाते तो उनको कुछ विशेष अधिकार दिए गए हैं। सबसे जरूरी है कि लड़कियों एवं महिलाओं को क्या-क्या अधिकार मिले हैं। वे यह जानें। इसमें शिक्षा का सबसे बड़ा योगदान है।
वह शुक्रवार को अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत दीनानाथ पांडेय राजकीय महिला पीजी कॉलेज में आयोजित विधिक गोष्ठी को संबोधित कर रही थीं। कार्यक्रम में मौजूद 200 से अधिक छात्राओं से मुखातिब होकर कहा कि आपको छात्रवृत्ति या शासन की ओर से जो विशेष योजनाएं महिलाओं के हित में चलाई जा रही हैं। वे आपके भविष्य को बेहतर बनाने के लिए दी जाती हैं। अगर न्याय मिलने में कोई दिक्कत है तो विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से ऐसे लोगों को निशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाता है।
सोशल मीडिया पर किसी युवती के फोटो के गलत इस्तेमाल पर एक छात्रा के सवाल पर कहा कि सबसे जरूरी है कि इस मंच का इस्तेमाल करते समय बेहद सावधानी बरती जाए। अगर कोई परेशान कर रहा है तो उसकी शिकायत पुलिस में जरूर करें। अत्याचार को सहे नहीं, उसके खिलाफ नि:संकोच आवाज उठाएं। ऐसे कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य ही यही है।
आज के दौर की लड़कियों को तो और जागरूक बनना होगा। आत्मसुरक्षा के लिए जरूरी ट्रेनिंग अवश्य लें। प्राधिकरण की मीडिएटर एवं वरिष्ठ अधिवक्ता रीता पांडेय ने कहा कि किसी छात्रा या महिला को कोई शिकायत हो तो वह विधिक सेवा प्राधिकरण पर आकर कर सकती है। यहां उनकी पहचान गुप्त रखी जाती है।
कोतवाली की एसआई सरोजनी वर्मा ने कहा कि पुरुष प्रधान समाज होने से महिलाओं को कदम-कदम पर परेशानी उठानी पड़ती है। हिंसा चाहे किसी भी तरह की हो, उसके खिलाफ आवाज अवश्य उठाएं। 1090 हेल्पलाइन महिलाओं व युवतियों के लिए हथियार है। इसमें समस्या का समाधान होने तक फीडबैक लिया जाता है। पहचान भी गुप्त रखी जाती है।
नेहरू युवा केंद्र के जिला युवा अधिकारी विकास तिवारी ने कहा कि सुनसान जगह पर कोई परेशान करता है तो उसका चेहरा ठीक से पहचान लें। उसके वाहन नंबर को भी याद कर लें। लड़कियों को अन्याय के खिलाफ सवाल उठाना सीखना ही चाहिए, युवावस्था में तो खासकर।
उन्होंने सुकन्या समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री सुमंगला योजना सहित सरकार की ओर से महिलाओं व छात्राओं के हित में चलाई जा रहीं विभिन्न योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। प्राचार्य डॉ. राजेश गुप्ता ने आभार जताया। इस दौरान विधिक सेवा प्राधिकरण से मजहर, हरेराम, ओमप्रकाश के अलावा कॉलेज के शिक्षक-शिक्षिकाएं भी मौजूद रहे।
ऐसे आयोजनों से बढ़ता है आत्मविश्वास
बीए प्रथम वर्ष की मुस्कान ने बताया कि ऐसे आयोजनों से आत्मविश्वास बढ़ता है। आरिफा खातून ने कहा कि जब कोई शाख्सियत आती है तो उनसे प्रेरणा मिलती है। आराधना मद्धेशिया ने कहा कि आगे भी ऐसे आयोजन होते रहने चाहिए, ताकि बेहतर करने, सीखने का मौका मिल सके। सिम्मी वर्मा ने कहा कि कार्यक्रम में जो भी बातें बताई गईं, उससे काफी कुछ सीखने का मौका मिला। अन्य को भी कानून से संबंधित इन जानकारियों को बताएंगे। आपात स्थिति में कैसे निपटें, इसके बारे में अच्छी जानकारी मिली।