एसओ, महिला आरक्षियों ने छात्राओं को सुरक्षा से संबंधित हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी
बीआरडीबीडी पीजी कॉलेज में आयोजित हुआ जागरूकता कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। तहसीलदार अश्वनी कुमार ने कहा कि अत्याचार के खिलाफ महिलाओं के मुखर होने से ही अन्याय मिटेगा। विपरीत परिस्थितियों में विरोध करना सबसे पहले जरूरी है। वह बीआरडीबीडी पीजी कॉलेज आश्रम में बृहस्पतिवार को अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता कार्यक्रम के तहत आयोजित जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन भी अब महिला सुरक्षा को लेकर पहले से अधिक जागरूक है। उत्पीड़न संबंधी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई हो रही है। ऐसे में संवैधानिक तरीके से अपने दायित्वों को अमल में लाने एवं इसके प्रति जागरूक रहने की जरूरत है। कहा कि महिलाएं, छात्राएं सभी को अपनी सुरक्षा के प्रति विशेष जागरूक रहना होगा। आपात स्थिति में डरें नहीं, उसका डटकर सामना करें। पुलिस और प्रशासन आपके साथ है।
प्राचार्य डॉ. शंभू नाथ तिवारी ने कहा कि महिलाओं को भी कानून का ज्ञान होना जरूरी है। जानकारी न होने पर मुश्किलें पेश आती हैं। कानून का सम्मान करते हुए पालन करने से जीवन आसान होता है। डॉ. अजय मिश्र ने कहा कि समाज के विकास में महिलाओं की अग्रणी भूमिका होती है। जुर्म के खिलाफ महिलाओं को सशक्त होना होगा।
इस मौके पर प्रभारी थानाध्यक्ष अमरनाथ सोनकर, महिला आरक्षी पूनम यादव, पूजा यादव ने साइबर क्राइम, हेल्पलाइन नंबर 1090, 1076, 112, 102, 108, 181 के बारे में जानकारी दी। आपात स्थिति में बेझिझक इनका प्रयोग करने की बात कही। इस दौरान अरविंद पांडेय, रामस्वरूप यादव, रोहित यादव, रवींद मिश्र, मनीष श्रीवास्तव, अभय यादव, नितिन श्रीवास्तव, प्रदीप शुक्ल आदि मौजूद रहे।
स्पीकअप
महिला सशक्तीकरण कार्यक्रम में पुलिस टीम ने विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। सुरक्षा को लेकर काफी जानकारी मिली। जागरूकता को लेकर ऐसे कार्यक्रम आयोजित होते रहने चाहिए।
-दिव्या मद्धेशिया
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन द्वारा जारी किए गए हेल्पलाइन नंबरों के बारे में जानकारी मिली है। साथ ही सेल्फ डिफेंस के टिप्स भी दिए गए, जिससे अपना बचाव किया जा सकता है।
-वंदना
कार्यक्रम में काफी जानकारियां हासिल हुई हैं। इसमें साइबर क्राइम व सुरक्षा के बारे में जो सुझाव दिए गए हैं उसका उपयोग करेंगे। खुद के जागरूक होने और दूसरों को जागरूक करने की सीख मिली।
-रिष्टी
महाविद्यालय में छात्राओं को उनकी सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए आयोजित ऐसे कार्यक्रम से हमारा आत्मविश्वास बढ़ा है। आगे भी यह होते रहना चाहिए। इससे छात्राओं को मनोबल बढ़ेगा।
-ज्योति