स्वस्थ रहने के लिए फास्ट फूड खाना बंद करें : चिकित्साधीक्षक
बीआर सेंट्रल एकेडमी में डॉक्टरों ने छात्राओं को दी सेहत की जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
लार। सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. बीवी सिंह ने कहा कि छोटी-छोटी आदतों में सुधार लाकर छात्राएं स्वस्थ रह सकती हैं। साल में जरूर एक बार अपना स्वास्थ्य चेकअप कराएं, जिससे होने वाली बीमारियों का समय रहते समुचित इलाज हो सके।
ये बातें उन्होंने बुधवार को बीआर सेंट्रल एकेडमी चनुकी मोड़ में अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत आयोजित स्वास्थ्य गोष्ठी में कहीं। उन्होंने कहा कि 12 से 13 वर्ष की बच्चियों को कुछ समस्या आती है तो उन्हें घबराना नहीं चाहिए। उसके बारे में मां, बहन से बताना चाहिए। सेनेट्री पैड का इस्तेमाल करना चाहिए। साथ ही अच्छी डाइट लेनी चाहिए। बेहतर स्वास्थ्य के लिए फास्ट फूड खाना बंद करें।
किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य से संबंधित समस्या होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां निशुल्क इलाज किया जाता है। छात्राओं से कहा कि अगर आप के पास-पड़ोस में कहीं भी टेढ़े पैर, कटे होंठ व हर्ट की बीमारी से ग्रसित बच्चे दिखें तो उन्हें आरबीएसके की टीम से मिलने की सलाह दें। उनका निशुल्क उपचार होता है। साथ ही जेई, नवकी बीमारी, मानसिक अवसाद के बारे में बताया।
छात्राओं द्वारा स्वस्थ कैसे रहें के सवाल पूछने पर सभी को टिप्स दिए। वरिष्ठ दंत चिकित्सक डॉ. असलम अली ने बताया कि दांतों को कैसे स्वस्थ रखें, ब्रश कैसे करें, कैविटी लगने पर क्या करें के बारे में सुझाव दिए। यतीश राय ने वैक्सीनेशन को लेकर छात्राओं के मन में बैठीं भ्रांतियों को दूर किया। डॉ. अजमेरी खातून ने छात्राओं के बीच सेनेट्री पैड, आयरन की दवाएं वितरित की। कार्यक्रम के दौरान 300 छात्राएं मौजूद रहीं। इस दौरान प्रबंधक नीतीश राय, रेडक्रॉस सोसाइटी के विशाल गुप्ता, ऋचा राय, पूनम पांडेय, अपूर्वा दुबे, सोनम, श्रेया सिंह, पुष्पांजलि, खुशबू, ख़ुशी, इलिमा आदि मौजूद रहीं।
मेडिकल की तैयारी के दिए टिप्स
कार्यक्रम के दौरान चिकित्साधीक्षक से छात्राओं ने हर पहलुओं पर बेझिझक सवाल पूछे। छात्रों ने कहा कि सर डॉक्टर बनने के लिए कैसे पढ़ाई करें। इस पर उन्होंने कहा कि लक्ष्य साध कर नियमित लगन के साथ पढ़ाई करें, साथ ही लक्ष्य बड़ा रखें।
स्वास्थ्य गोष्ठी से छात्राओं को सेहत के प्रति फिक्रमंद रहने की जानकारी मिली है। अब हमें कैसे रहना है, इसका ज्ञान हो गया। अपने पास-पड़ोस के लोगों को भी स्वास्थ्य के लिए जागरूक करूंगी।
-माधवी तिवारी
महिलाओं को होने वाली बीमारियों के बारे में चिकित्सक द्वारा जानकारी दी गई है। काफी दिनों से मन में बैठीं भ्रांतियां दूर हो गईं। इससे हमें अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की प्रेरणा मिली।
-जूली कुशवाहा
महिलाओं के हित में अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा चलाया जा रहा स्वास्थ्य जागरुकता कार्यक्रम सराहनीय है। ऐसे कार्यक्रम हमेशा आयोजित होने चाहिए। इससे काफी लाभ मिलेगा।
-वैष्णवी
हमारे विद्यालय में पहली बार इस तरह का आयोजन हुआ है। हमें घर-परिवार के लोगों को स्वस्थ कैसे रखना है, इसकी बखूबी जानकारी हुई है। इस जानकारी का सदुपयोग करना है।
-समीक्षा सिंह