अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर विद्युत संविदा मजदूर संगठन के लोगों का आमरण अनशन
बिजली संविदा मजदूर संगठन के पांच मजदूरों का आमरण अनशन बृहस्पतिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। अनशनकारी मजदूरों के स्वास्थ्य में गिरावट आ रही है। हालांकि कोई भी जिम्मेदार हाल चाल जानने नहीं पहुंचें। मांग पूरी होने तक आमरण अनशन जारी रखने की बात कही है। मजदूर नेताओं का प्रतिनिधिमंडल एडीएम वित्त और राजस्व से मुलाकात की। उनसे मानदेय भुगतान में पहल की मांग की। उधर, मुख्य अभियंता ने प्रकरण की जांच के लिए जांच अधिकारी नामित कर दिया है।
पडरौना और कसया बिजली वितरण खंड में कार्यरत संविदा मजदूर अधीक्षण अभियंता कार्यालय परिसर में 29 दिनों से धरना दे रहे हैं। शांतिपूर्वक धरना में बात नहीं बनी तो मंगलवार से नंदू तिवारी, राजकिशोर दुबे, उमेश गोंड, राजेश तिवारी और सईद अंसारी ने आमरण अनशन शुरू कर दिया। गर्मी के मौसम में अधिकारियों ने अनशनकारियों की सुधि नहीं ली। बिजली मजदूरों के स्वास्थ्य में गिरावट आ रही है। इसके चलते बिजली मजदूरों में नाराजगी है।
उनका कहना है कि काम कराने के बावजूद मानदेय का भुगतान नहीं किया जा रहा है। इसके चलते बिजली मजदूर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। हालांकि अधिकारियों के सेहत पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। इस दौरान मुकेश सिंह, कृष्ण मुरारी मौर्य, अशोक राय, हरिगोविंद, सुनील सिंह, दयाशंकर सिंह, सुग्रीव कुशवाहा, राकेश चौहान आदि मौजूद रहे। अधीक्षण अभियंता एके सिंह ने बताया कि बिजली मजदूरों की समस्या की जांच के लिए जांच अधिकारी नामित कर दिए गए है। अनशनकारी मजदूर नेताओं से कार्यक्रम समाप्त करने का अनुरोध किया है। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।