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Deoria News: खुले पिकअप में नहीं, बंद लग्जरी गाड़ियों से हो रही पशु तस्करी

Thu, 25 Dec 2025 11:42 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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देवरिया। बिहार से सटे इलाकों में पशु और शराब तस्करी के लिए तस्करों ने अब अपने तौर-तरीके बदल लिए हैं। पहले जहां ट्रक और पिकअप जैसे साधारण वाहनों का इस्तेमाल होता था, वहीं अब महंगी और लग्जरी गाड़ियों से तस्करी की जा रही है।
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तस्कर चोरी की गाड़ियों को मॉडिफाई कराकर अपराध में इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि पुलिस की नजर में न आ सकें। जानकारी के मुताबिक, बलिया जिले के बेल्थरा रोड क्षेत्र के अलावा बिहार के गोपालगंज में चोरी की गाड़ियों को खास तरीके से मॉडिफाई किया जा रहा है।
शराब तस्करी के लिए कार के डैश बोर्ड में गुप्त चेंबर, अतिरिक्त फर्श, सीटों के नीचे छिपे हुए बॉक्स और डिक्की में लोहे की प्लेट लगाकर अलग से जगह बनाई जा रही है।
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वहीं पशुओं की तस्करी के लिए बोलेरो गाड़ी के अंदर पीछे व बीच वाली सीट निकाल दी जाती है, जिससे अतिरिक्त जगह बन जाती है। बाहर से देखने पर ये गाड़ियां बिल्कुल सामान्य लगती हैं, लेकिन अंदर बहुत कुछ बदला रहता है।
लग्जरी गाड़ियों का इस्तेमाल इसलिए बढ़ा है क्योंकि हाईवे पर ऐसी गाड़ियों को आमतौर पर कम रोका जाता है।
इन गाडि़यों पर फर्जी नंबर प्लेट भी लगाए जाते हैं। पिछले दिनों सलेमपुर में एक सड़क हादसे में बाइक सवार दो युवकों के घायल होने के बाद जब लोगों ने गाड़ी का पीछा किया तो सब यह देखकर चौंक गए कि उस मॉडिफाई गाड़ी में छह बछड़े लदे थे।
इस हादसे में घायल दोनों युवकों की मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चोरी की गाड़ियों को मॉडिफाई कराने के बाद उन्हें सीमावर्ती जिलों में सक्रिय तस्कर गिरोहों को सौंप दिया जाता है। एक गाड़ी से एक बार में लाखों रुपये की शराब या गोवंश आसानी से दूसरे राज्य तक पहुंचा दिए जाते हैं।
बाइक की टंकी के नीचे बनाते हैं जगह : चोरी की बाइकों का भी शराब तस्करी में खूब उपयोग हो रहा है। पिछले दिनों श्रीरामपुर पुलिस ने एक शराब तस्कर की निशानदेही पर चोरी की कई बाइकें बरामद की गईं।
जांच में पता लगा कि चोरी की इन बाइकों में सीट के नीचे व पेट्रोल टंकी के नीचे अतिरिक्त जगह बनाकर उसमें अंग्रेजी शराब की बोतलें छिपाने के लिए जगह बनाई गई थी।
तस्कर इन बाइकों के साथ आराम से बॉर्डर पार करते हैं। उनके पास कोई अतिरिक्त बैग नहीं दिखता है तो पुलिस रोकती भी नहीं है। इन बाइकों पर भी फर्जी नंबर प्लेट लगा होता है।
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