बनकटा। यूपी-बिहार के सीमावर्ती क्षेत्र से विगत 15 दिन में गोवंशों की दो खेप पकड़ी जा चुकी है। 11 नवंबर की सुबह मठिया गांव के समीप से पिकअप वाहन में भरकर बिहार भेजे जा रहे 11 पशुओं के साथ खुखुंदू के परसिया करकटही निवासी दिलीप सोनकर को पुलिस ने पकड़ा था। पुलिस के अनुसार इलाज के लिए ले जाते समय पुलिस का पिस्टल छीनकर फायरिंग करने के बाद हुए मुठभेड़ में दिलीप पुलिस की गोली लगने के बाद घायल हो गया था। इसके बाद तस्करी की दूसरी खेप सोमवार की सुबह मठिया गांव से लगभग चार सौ मीटर की दूरी पर स्थित पचरुखिया प्राथमिक विद्यालय के पास से पिकअप में भरे आठ गोवंशों के साथ पकड़ी गई।इस मामले में पुलिस ने खुखुंदू के बहादुरपुर गांव निवासी मनीष यादव उर्फ मोनू को गिरफ्तार किया है। दोनों खेप जंजीरहा से पचरुखिया होकर बिहार जाने वाले मार्ग पर बरामद हुई है।
बता दें कि सलेमपुर मैरवा मार्ग पर स्थित जंजीरहा मोड़ से सीधे दक्षिण पचरुखिया, मठिया होते हुए बिहार जाने वाला मार्ग तस्करों के लिए सुरक्षित है। मार्ग सुनसान होने के साथ ही इस पर पुलिस गश्त का भी कम खतरा रहता है। दोनों बरामदगी में सेम पैटर्न नजर आने से आशंका है कि इस मार्ग से लंबे समय से पशु तस्करी की जाती रही होगी। हालांकि इधर पशु तस्करों के खिलाफ चल रहे अभियान में यह मार्ग चर्चा में आया है। इस संबंध में एसओ गोरखनाथ सरोज ने बताया कि बिहार को जोड़ने वाले सभी मार्गों पर गश्त बढ़ा दी गई है और विशेष चौकसी बरती जा रही है।
खुखुंदू थाना क्षेत्र के निवासी हैं पकड़े गए दोनों अभियुक्त
रामपुर बुजुर्ग। बनकटा पुलिस ने जिन दोनों अभियुक्तों को गोवंशों के साथ पकड़ा है वे खुखुंदू थाना क्षेत्र के अलग-अलग गांव के निवासी हैं। दोनों ही आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग थानों में पूर्व से कई एफआईआर दर्ज है। तस्करी के लिए बनकटा क्षेत्र से बिहार जाने के लिए दोनों तस्करों ने एक ही मार्ग को चुना था। इससे स्थानीय लोग खुखुंदू थाना क्षेत्र में पशु तस्करों द्वारा रैकेट चलाने की आशंका जता रहे हैं तथा जंजीरहा से पचरुखिया, मठिया होते हुए बिहार को जोड़ने वाले मार्ग पर पुलिस की चौकसी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।