बरहज। लक्ष्मीपुर गांव में चकनाली पर सड़क निर्माण के विरोध के दौरान तहसील बार संघ के पूर्व अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह की पांच अप्रैल को मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने ग्राम प्रधान राजेश यादव, गामा यादव सहित पांच ज्ञात और सात-आठ अज्ञात पर हत्या आदि धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी।
आरोपियों के बचाव में बृहस्पतिवार को सड़क पर उतरे समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं को लेकर अधिवक्ता के पुत्र सिद्धार्थ ने गहरी नाराजगी जताई। सिद्धार्थ का कहना है कि सपा को न उनके पिता की मौत मलाल है, न ही एक वरिष्ठ अधिवक्ता के। बल्कि उन्हें जाति विशेष की राजनीति से मतलब है। लक्ष्मीपुर गांव निवासी और अधिवक्ता बिजेंद्र सिंह के पुत्र सिद्धार्थ अपनी मां सत्यावती सिंह के साथ पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। सिद्धार्थ ने कहा कि चकनाली पर सड़क बनाया जाना नियम विरुद्ध है। इसके बावजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने पक्ष में करके जबरियां सड़क बनवाने की कोशिश की जा रही थी। चार वर्ष से पिता अन्याय का विरोध कर रहे थे।
उनकी मौत के बाद भी न तो प्रशासन को अपनी गलत का एहसास है और न ही सपा को। अधिकारी जहां अपने कर्मचारियों की गलती को छिपाने में लगे हैं वहीं समाजवादी पार्टी खुलकर जातिवाद की राजनीति पर उतर गई है। पार्टी किसी एक जाति की नहीं होती है, लेकिन इस पार्टी के नेता जाती की राजनीति में सच्चाई को बदलने में लगे हैं।