संदिग्ध हालात में महिला की मौत, केस दर्ज
तरकुलवा थाना क्षेत्र के पखन टोला गांव का है मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
तरकुलवा। स्थानीय गांव के पखनटोला निवासी एक महिला की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। घटना के बाद ससुरालवाले फरार हो गए। महिला के पिता की तहरीर पर पुलिस ने पति समेत चार लोगों पर केस दर्ज कर लिया है। उसके गले पर रस्सी के निशान मिले हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया।
कुशीनगर जिले के कसया थानाक्षेत्र के मैनपुर गांव निवासी राजदेव यादव ने तीन साल पूर्व अपनी बेटी सरिता (22) की शादी तरकुलवा के पखनटोला निवासी बैलिस्टर के बेटे विकास के साथ की थी। पिछले साल मई में उसका गवना हुआ। मंगलवार की सुबह सरिता के घर के लोग किसी काम से बाहर गए हुए थे। घर आने पर देखा कि विवाहिता छत के पाइप में रस्सी बांधकर लटकी हुई है। परिवारवालों ने रस्सी खोलकर नीचे उतारा तो उसकी मौत हो गई थी। मायकेवालों को सरिता की तबीयत खराब होने की सूचना दी। सूचना मिलते ही मायकेवाले पहुंचे तो यहां सरिता की लाश पड़ी थी। पिता राजदेव ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर सीओ सिटी निष्ठा उपाध्याय और एसओ नरेंद्र प्रताप राय पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए। पिता राजदेव और मां लखपति देवी ने बताया कि ससुराल के लोग दहेज में एक लाख रुपये और बाइक की मांग करते थे। मांग पूरा न होने पर सरिता के पति विकास यादव, ससुर बैलिस्टर, सास और देवर ने मिलकर हत्या कर दी है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने सभी के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज लिया है। इस संबंध में एसओ नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि ससुरालवालों के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी तलाश की जा रही है।
बेटा-बेटी के चक्कर में गई जान!
ससुराल वालों को दहेज के अलावा बेटे की थी चाहत
संवाद न्यूज एजेंसी
तरकुलवा। सरिता की मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। ससुरालियों को दहेज की चाहत के अलावा बेटी होने पर सरिता को छोड़ देने की बात भी सामने आ रही है। बेटा पैदा करने के अलावा मायके वालों से एक लाख रुपये के साथ बाइक की मांग करते थे। सरिता की मां लखपति देवी बेटी की मौत पर उसके दरवाजे पर चिल्ला-चिल्ला कर यह बात कह रही थीं।
कुशीनगर जिले के कसया थाना क्षेत्र के मैनपुर भिखारी टोला निवासी राजदेव यादव ने बताया कि ससुरालवालों ने मंगलवार की सुबह बेटी सरिता की तबीयत खराब होने की सूचना दी। आनन-फानन मैं पत्नी लखपति देवी को लेकर पहुंचा तो देखा कि बेटी का शव दरवाजे पर पड़ा हुआ है। लखपति देवी रोते-बिलखते हुए कहने लगीं कि बेटी सरिता की विदाई के बाद से ही ससुराल के लोग एक लाख रुपये, बाइक की मांग करने लगे। इसी बीच हमारी बेटी तीन माह की गर्भवती थी। बेटी सरिता बात के दौरान कहती थी कि परिवार वाले बोलते हैं कि बेटा पैदा हुआ तो ठीक, बेटी हुई तो उसी दिन मायके चली जाना। यह बात सुनकर किसी अनहोनी का डर हमेशा सताता रहता था। आखिरकार ससुरालियों ने मिलकर मेरी बेटी की हत्या कर दी।