प्रसूता की मौत पर परिजनों का हंगामा
प्राइवेट अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान लापरवाही से मौत होने का आरोप
बवाल देख अस्पताल बंद कर फरार हुए कर्मचारी
तीन घंटे तक अस्पताल में बंद रहे आठ मरीज
रामलक्षन चौराहे के समीप है हॉस्पिटल
सवांद न्यूज एजेंसी
रामलक्षन। चौराहे के निकट लक्ष्मीपुर मछरिहवां मोड़ स्थित एक हॉस्पिटल में शनिवार की रात ऑपरेशन के दौरान एक महिला की मौत हो गई। आनन-फानन अस्पताल वालों ने उसे गोरखपुर रेफर कर दिया। गोरखपुर जाते समय प्रसूता की पहले से ही मौत देख परिजन भड़क गए।
रविवार की सुबह उन्होंने अस्पताल के सामने शव रख कर जमकर हंगामा किया। घरवालों का बवाल देख अस्पताल के कर्मी ताला बंद कर फरार हो गए। इससे हॉस्पिटल में आठ मरीज तीन घंटे तक बंद रहे। एसडीएम, सीओ और सीएमओ के पहुंचने पर अस्पताल खोला गया। मरीजों को गौरीबाजार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करा कर अस्पताल को सील कर दिया गया। मृतका के परिजनों ने तहरीर देकर अस्पताल वालों पर कार्रवाई की मांग की।
सूरजपुर गांव के रवि निषाद की पुत्री निशा (28) को प्रसव पीड़ा होने पर शनिवार की सुबह गौरी बाजार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भर्ती कराया गया। निशा की शादी गोरखपुर जिले के शिवपुर गांव में हुई थी। अस्पताल के चिकित्सक ने नार्मल डिलीवरी कराने में असमर्थता जताई। उन्होंने परिजनों को जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी। परिजन एक आशा कार्यकर्ता के साथ रामलक्षन के लक्ष्मीपुर मोड़ स्थित हॉस्पिटल में भर्ती कराए।
घरवालों के अनुसार रात करीब नौ बजे ऑपरेशन हुआ, जिसमें बच्चा पैदा हुआ और जच्चा की मौत हो गई, लेकिन अस्पताल के कर्मचारियों ने आनन-फानन रेफर कर दिया। गोरखपुर ले जाते समय पहले से प्रसूता की मौत से गुस्साए गांव के लोग अस्पताल पर बवाल करने लगे।
उन्होंने शव को हॉस्पिटल गेट पर रख दिया। इससे रुद्रपुर-गोरखपुर मार्ग पर आवागमन प्रभावित रहा। हंगामा कर रहे लोगों को एसडीएम ध्रुव कुमार शुक्ला और सीओ जिलाजीत ने कार्रवाई का आश्वासन दिया तो लोग शांत हुए।
इसके बाद अस्पताल में भर्ती मरीजों सीएचसी गौरीबाजार में भर्ती कराया गया, जबकि एक मरीज के बच्चेदानी का ऑपरेशन हुआ था, उसे जिला अस्पताल के इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। यहां सीएमओ डॉ. राजेश झा, प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एचके मिश्रा, चीफ फार्मासिस्ट अशोक राय पहुंचे और मरीज को देखा और जानकारी ली। सीएमओ ने कहा कि अस्पताल को सील कर दिया गया है। उसके कागजात की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का स्पष्ट पता चलेगा।
आयुष्मान भारत केंद्र के नाम पर जुटा रहे अस्पतालों में भीड़
रामलक्षन। क्षेत्र में आयुष्मान भारत योजना कार्डधारकों का लाभ दिलाने के नाम पर अस्पतालों में मरीजों की भीड़ जुटाई जा रही है। रामलक्षन के लक्ष्मीपुर मोड़ स्थित अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के कार्डधारकों के उपचार के प्रचार के नाम पर खूब भीड़ जुटाई जाती है। दो माह पहले रुद्रपुर कस्बे के पश्चिमी बाईपास स्थित एक अस्पताल में आयुष्मान कार्ड से फर्जी भुगतान का मामला उजागर हुआ था। आयुष्मान भारत योजना का केंद्र बनवाने के लिए कुछ बिचौलिए सक्रिय हैं, जो अस्पताल संचालकों से रकम लेकर आयुष्मान योजना का सेंटर अस्पताल को दिलवा दे रहे हैं। यहां ऑनलाइन गेम कर फर्जी भुगतान कराए जा रहे हैं। आयुष्मान सेंटर दिलाने के नाम पर बिचौलियों से कई चिकित्सक ठगी के शिकार भी हो चुके हैं।
प्रसूता की मौत के मामले में पांच पर केस
रुद्रपुर। रामलक्षन के लक्ष्मीपुर मोड़ स्थित अस्पताल में प्रसूता की मौत के मामले में पुलिस ने मृतका के पति की तहरीर पर आशा कार्यकर्ता समेत पांच पर साजिश के तहत गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया।
गोरखपुर जिले के सिंहपुर निवासी सोनू निषाद ने रुद्रपुर कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि गौरीबाजार सीएचसी पर आशा कार्यकर्ता ने प्रसूता को आयांश अस्पताल में भर्ती कराया। जहां बिना चिकित्सकों के अस्पताल के कर्मचारियों ने महिला का ऑपरेशन कर दिया। इससे उसकी मौत हो गई। अस्पताल में लगे सीसीटीवी से घटना का खुलासा हो जाएगा। पुलिस ने अस्पताल के कर्मी सरहसबह समुदा निवासी प्रमोद कुमार शर्मा, रामलक्षन निवासी कंचनलता यादव, लक्ष्मीपुर के धर्मेंद्र मल्ल, गोरखपुर के राजधानी निवासी मोतीचंद और आशा कार्यकर्ता पर मुकदमा दर्ज किया है। संवाद
सीएमओ ने हॉस्पिटल का पंजीकरण किया निलंबित
गठित की जांच टीम, लक्ष्मीपुर मछरिहवां स्थित अस्पताल का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। रामलक्षन चौराहे के निकट लक्ष्मीपुर मछरिहवां मोड़ स्थित एक हॉस्पिटल में शनिवार की रात ऑपरेशन के बाद एक प्रसूता की मौत की रविवार को सूचना मिलने पर सीएमओ डॉ. राजेश झा ने निरीक्षण किया। उन्होंने हॉस्पिटल का पंजीकरण निलंबित करने का आदेश दिया है। साथ ही जांच टीम गठित की है।
सीएमओ, एसीएमओ, आरसीएच एवं एसीएमओ व नोडल अधिकारी हॉस्पिटल, पंजीकरण व सीएचसी गौरीबाजार के अधीक्षक के साथ मौके पर पहुंचे। वहां मौजूद वैदा के प्रधान रामेश्वर पाल ने बताया कि प्रसूता निशा देवी पत्नी सोनू निषाद निवासी सूरजपुर की हॅास्पिटल में ऑपरेशन के बाद मौत हो गई।
आयांश हॉस्पिटल लक्ष्मीपुर, वैदा पर कोई चिकित्सक, प्रबंधक व पर्सन इंचार्ज नहीं मिले। सात मरीज भर्ती पाए गए। इसमें दो मरीज हिस्ट्रेकटामी ऑपरेशन तथा चार सिजेरियन सेक्सन के मरीज पाए गए, जिन्हें 108 नंबर एंबुलेंस से जिला अस्पताल व पीएचसी गौरीबाजार में भर्ती कराया गया। इसके बाद सीएमओ ने हॉस्पिटल का पंजीकरण निलंबित करते हुए बंद करा दिया। साथ ही जांच के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की समिति बनाई गई है।
एसीएमओ की अध्यक्षता में चार सदस्यी टीम करेगी जांच
देवरिया। सीएमओ ने ऑपरेशन के बाद प्रसूता की मौत के मामले में जांच के लिए एसीएमओ की अध्यक्षता में चार सदस्यीय टीम गठित की है। इसमें एसीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद अध्यक्ष तथा सीएचसी गौरीबाजार अधीक्षक डॉ. बीएन गिरि, सीएचसी रुद्रपुर के निश्चेतक डॉ. मनोज कुमार सिंह, नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खैरटिया की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. स्वरूपमा यादव को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। सीएमओ ने टीम को मामले की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट एक सप्ताह में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
कोट
रामलक्षन चौराहे के निकट लक्ष्मीपुर, वैदा स्थित आयांश हॉस्पिटल में ऑपरेशन के बाद एक प्रसूता की मौत की सूचना पर गया था। वहां कोई नहीं मिला। हॉस्पिटल का पंजीकरण निलंबित कर दिया गया है। साथ ही एसीएमओ की अध्यक्षता में टीम गठित की गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. राजेश झा, सीएमओ