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अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर की सुख-समृद्धि की कामना

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हनुमान मंदिर पर सूर्य को अर्घ्य देती छठ ब्रत महिलाए।संवाद - फोटो : DEORIA
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अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर की सुख-समृद्धि की कामना
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छठ महापर्व : शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों के नदी-घाटों पर दिखी आस्थावानों की भीड़, भक्ति भाव से की पूजा-अर्चना
ढोल-नगाड़ों के बीच पहुंचा व्रतियों का समूह, पूजन स्थलों पर युवाओं ने जमकर की आतिशबाजी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। चार दिवसीय सूर्यषष्ठी पर्व के तीसरे दिन व्रती महिलाओं ने शुभ मुहूर्त में अस्ताचलगामी सूर्य को सामूहिक रूप से जल में खड़ा होकर अर्घ्य दिया। सूर्योपासना के दौरान जिले भर के नदी घाटों पर आस्थावानों की जबरदस्त भीड़ दिखी। इस दौरान व्रतियों ने सुख, शांति एवं संतान सुख की कामना की। इसके पूर्व ढोल-नगाड़ों की गूंज और पारंपरिक गीतों के बीच व्रती महिलाएं और सिर पर पूजन सामग्री से भरी सूप व दौरी लिए पुरुष घाटों पर पहुंचे।
रविवार की सुबह से ही व्रती महिलाएं छठ पूजन की तैयारियों के बीच निर्जल व्रत रहीं। अपराह्न में उन्होंने नदी-घाटों का रुख किया। शहर के परमार्थी पोखरा, मनोकामना पूर्ण हनुमान मंदिर पोखरा, सोमनाथ मंदिर, गोरखपुर ओवरब्रिज के नीचे, गायत्री मंदिर, देवरही मंदिर के सरोवर पर पहुंची। आस्थावानों ने यहां पर अपनी-अपनी छठ वेदियों पर दीप प्रज्ज्वलित कर प्रसाद सामग्री चढ़ाई और कार्तिक शुक्ल षष्ठी तिथि में भगवान भास्कर के अस्ताचलगामी होने का इंतजार किया। शाम को 5:14 बजे अस्ताचल होते ही सूर्यदेव को पानी में खड़े होकर पूरे भक्ति भाव से अर्घ्य दिया। इस मौके पर नदी घाट पर्व के गीतों से गुंजायमान रहे। युवाओं ने जमकर आतिशबाजी भी की।
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व्रतियों को कोई असुविधा न हो, इसके लिए शहर से लेकर देहात तक के नदी घाटों पर साफ-सफाई, प्रकाश, गुब्बारों से सजावट आदि व्यवस्थाएं की गई थीं। रात्रि में जागरण कर व्रत के महात्म्य की कथा भी सुनीं। जिन व्रतियों के यहां कोसी भरा जाना था, वहां इस पूजन के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे।
आज संकल्प के साथ उगते सूर्य को देंगी अर्घ्य
ज्योतिषाचार्य पं. विवेक उपाध्याय, विवेकानंद पांडेय व आचार्य शरद चंद मिश्र बताते हैं कि सूर्योपासना पर आधारित इस पर्व में षष्ठी देवी की पूजा आराधना की जाती है। सोमवार को सूर्योदय 6:27 बजे पर होगा। व्रत के अंतिम दिन प्रात: काल में उगते सूर्य को विधि विधान से एवं संकल्प के साथ अर्घ्य दिया जाएगा। भोर से ही व्रती महिलाएं नदी घाटों पर पहुंच जाएंगी और अरुणोदय की प्रतीक्षा करेंगी। जैसे ही क्षितिज पर अरुणिमा दिखती है, वे मंत्रोच्चार के साथ भगवान भुवन भास्कर को अर्घ्य प्रदान करेंगी। इसके बाद ब्राह्मण व गरीबों में दान कर और प्रसाद वितरण के बाद व्रत का पारण करेंगी।
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फोटो समाचार
भाटपाररानी क्षेत्र में भी रही धूम
भाटपाररानी। नगर के रानी पोखरा, सोहनपार पोखरा, रेलवे स्टेशन के बगल स्थित पोखरा, थाना के पास स्थित पोखरा पर नगर की महिलाओं ने रविवार को छठ महापर्व के मौके पर डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया। इसके अलावा छोटी गंडक नदी के किनारे बनकटा मिश्र, जिरासो, मलहचक, मदन चक, चनुकी, दिस्तौली, मालीबारी, सवरेजी त्रिमुहानी घाट, बड़कागांव दुबे आदि छठ घाटों पर तथा खनुवा नदी के किनारे खैराट, केहुनिया, धरमखोर करन, कुकुर घाटी आदि छठ घाटों पर व्रती महिलाओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर विदा किया। गांवों और स्याही नदी के किनारे बने अनेक छठ घाटों पर भी व्रती महिलाओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर विदा किया और मंगल की कामना की। संवाद
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