खुखुंदू के बहादुरपुर गांव के पास पड़री मोड़ के पास लावारिस हालत में थी
संवाद न्यूज एजेंसी
खुखुंदू। थाना क्षेत्र के बहादुरपुर गांव के पास पड़री मोड़ स्थित सागौन के बगीचे में रविवार को सुबह एक नवजात मिली। टहलने निकलीं महिलाएं बच्चे के रोने की आवाज सुनकर बगीचे में पहुंचीं। फिर एक किशोरी नवजात को कंपकंपाते देख उसे अपने घर उठा ले गईं। सूचना पर पीआरबी, स्थानीय पुलिस भी पहुंची। पुलिस ने नवजात को एंबुलेंस से मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया। इसके बाद नवजात को चाइल्ड केयर को सौंप दिया गया।
खुखुंदू थाना क्षेत्र के बहादुरपुर गांव की महिलाएं रविवार को सुबह सड़क पर टहलने निकली थीं। इसी बीच पड़री मोड़ के पास स्थित सागौन के बगीचे में रोने की आवाज सुनाई पड़ी। गांव की महिलाएं बगीचे में पहुंचीं तो देखीं कि कपड़े में लपेटकर बच्चे को रखा गया था। ठंड से बच्ची कांप रही थी। बहादुरपुर गांव के ही अवनीश मणि त्रिपाठी की 12 वर्षीय बेटी सत्या त्रिपाठी नवजात को गोद में लेकर घर चली आई। उसके पास से स्थानीय पुलिस नवजात को थाने उठा लाई। यहां अवनीश मणि त्रिपाठी, उनकी पत्नी इंदु मणि त्रिपाठी और उनका छोटा बेटा श्रेयांस भी नवजात बच्ची के साथ थाने पहुंच गए। अवनीश मणि का परिवार नवजात बच्ची को गोद लेना चाह रहा था, लेकिन पुलिस ने कहा कि पहले मेडिकल परीक्षण कराकर चाइल्ड केयर को सौंपा जाएगा। वहां से जिसको लेना होगा लेगा। इसके लिए प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
प्रभारी थानेदार एसआई लवकुश कुमार ने बताया कि एंबुलेंस से नवजात बच्ची को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया। साथ में चाइल्ड केयर की टीम भी थी। परीक्षण के बाद उन्हें सौंप दिया गया।
संजय चतुर्वेदी
संजय चतुर्वेदी
संजय चतुर्वेदी